थुनाग (मंडी)। सराज की आराध्या देवी दलवासना के मंदिर की प्रतिष्ठा शुक्रवार को हुई। नए मंदिर की प्रतिष्ठा पूरे विधि विधान के साथ की गई। इसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने शिरकत की। यह मंदिर थुनाग से करीब 40 किलोमीटर दूरी पर बागाचनौगी पंचायत में स्थित है। माता का पुराना मंदिर काफी जर्जर हो गया था। इसी के चलते मंदिर कमेटी, भक्तों ने मिलकर नए मंदिर का निर्माण करवाया है। इस धार्मिक कार्यक्रम में माता के दर्शनों के लिए सैकड़ों भक्त पहुंचे। दिनभर देव ध्वनियों के साथ पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
भक्तों के लिए लंगर का भी आयोजन किया गया। मंदिर के आसपास जगह तंग होने के चलते भक्तों को लाइनों में लगना पड़ा। स्थानीय लोगों की मानें तो माता दलवासना सराज क्षेत्र की आराध्य देवी हैं और देव मतलोड़ा की बहन हैं। शिवरात्रि पर्व में दोनों भाई बहन एक साथ शिरकत करते हैं। मान्यता है कि इन्हें बारिश की देवी कहा जाता है। जब बारिश नहीं होती है तो किसान और क्षेत्र की जनता इनके दर में बारिश की गुहार लगाते हैं। उधर माता के पुराने गुर नुखू राम और वर्तमान गुर बलेशर राम ने बताया कि शुक्रवार को माता के मंदिर की प्रतिष्ठा की गई। इसमें सैकड़ों भक्तों ने मां का आशीर्वाद लिया।
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