मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता की प्रीमियम राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर सहित लौटाने का फैसला सुनाया है। बीमा कंपनी को उपभोक्ता को 10,000 रुपये हर्जाना और 5000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए है। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजन गुप्ता और सदस्यों विभूति शर्मा, आकाश शर्मा ने यह फैसला सुनाया। जोगिंद्रनगर के तिलक राज सूद ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। अधिवक्ता अभिषेक लखनपाल ने बताया कि साल 2014 में रोहित शर्मा और गीतू सूद ने जोगिंद्रनगर में एक निजी बीमा कंपनी की पॉलिसी के लिए ब्रांच आफिस खोला था। उपभोक्ता ने पॉलिसी लेने के लिए 50,000 रुपये का चेक बतौर प्रीमियम राशि कंपनी को दिया था। कंपनी की ओर से उपभोक्ता को राशि की प्राप्ति की रसीद और कवर नोट जारी किया गया था। कवर नोट से जाहिर था कि इस अकेली प्रीमियम राशि के तहत 4,85,010 रुपये की राशि बीमाकृत थी। अप्रैल 2016 में उपभोक्ता ने कंपनी को संपर्क करके पॉलिसी जारी करने या प्रीमियम राशि लौटाने को कहा। कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें 2015 में कोई और पॉलिसी दे दी गई थी। इसके तहत उन्हें सात प्रीमियम भरने पड़ने थे। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी को चेक के माध्यम से प्रीमियम का भुगतान किया गया था लेकिन कंपनी ने उपभोक्ता की पॉलिसी बिना किसी आधार पर किसी अन्य व्यक्ति को दे दी थी। ऐसे में फोरम ने कंपनी व प्रतिनिधियों को उक्त प्रीमियम राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। उनकी सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले हर्जाना राशि और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया है।