जोगिंद्रनगर (मंडी)। किसानों और बागवानों ने बंदरों, सुअरों और लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग को लेकर जोगिंद्रनगर में केंद्र, प्रदेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। किसान सभा के बैनर तले किए गए प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों-बागवानों ने भाग लिया। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आज किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो गए हैं।
कहा कि भ्रष्टाचार को मिटाने वाले स्वयं ही भ्रष्टाचारी बन गए हैं। स्थानीय मांगों में जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल, सीएचसी लडभड़ोल और पीएचसी चौंतड़ा में डाक्टरों के रिक्त पद, सड़कों की दशा ठीक न होने, पेयजल की कमी का स्थायी समाधान न करने को लेकर प्रदर्शन किया गया। सड़कों पर उतरी किसान सभा ने करीब 25 हजार से अधिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा। अपनी मांगों के समर्थन में किसान सभा के अखिल भारतीय आह्वान पर यह धरना-प्रदर्शन किया। हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में किसानों ने जोगिंद्रनगर की सड़कों पर मार्च करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल हैं। लोगों को अपना इलाज करवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इसके अलावा दूसरे विभाग जैसे बिजली बोर्ड, आईपीएच, लोनिवि और शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण लोगों को भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। इस मौके पर कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा सरकार पर जोरदार प्रहार किए।
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यह रहे मौजूद
इस अवसर पर बीडीसी सदस्य किशोरी लाल, किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र कुमार, हवलदार टेक चंद ठाकुर, बालम राम, नागेश भाटिया, जगदीश राणा, बुद्धि सिंह ठाकुर, रमेश चंद, भीम सिंह चौधरी, राकेश कुमार, प्रकाश चंद, बलदेव, रावण सिंह, संजय जंवाल, राजन, काली दास ठाकुर, जगदीश राणा, हरिकृष्ण, शेर सिंह, चंद्रावती, कृष्णा, उर्मिला, इंद्रा देवी, बबली, संतोष कुमारी और रमा देवी आदि उपस्थित थे।
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