नेरचौक (मंडी)। नेरचौक-भंगरोटू मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली और पंजाबी गायकों ने समां बांध दिया। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत लोक गायक खेमू चौहान के गाने ..ठंडी हवा रा ये जादू, दिल रहंदा नी काबू.. से हुई। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। उसके बाद हरदेव हरी ने बांसुरी के साथ मेरे मितवा मेरे मीत रे गीत गाकर बांसुरी वादन और गायकी के संगम से श्रोताओं को सराबोर किया। डीजे पर बजे गाने ..श्याम आए सखी री श्याम आए मोर बन के.. पर राधा कृष्ण के मोर नृत्य को भी लोगों ने बहुत पसंद किया। इसके बाद राखी गौतम ने हिंदी और पहाड़ी गानों से लोगों का खूब मनोरंजन किया। तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं गाने से शुरुआत करते हुए नान स्टॉप पहाड़ी गाने तेरा मेरा प्यार अड़या बचपना रा, ईक अधिया मंगाई जा रे, साहिबा रीये बीबीये, ओ लाड़ी शाणता, कुल्लू मनाली लगा मेला, इस गराईं देया लंबड़ा हो जैसे गानों को गाकर श्रोताओं को बहुत नचाया। इसके बाद नीरू चांदनी ने समां बांधा। नीरू ने नान स्टाप पहाड़ी गाने देश शोभला हिमाचल म्हारा, दोड़ू धोने बला डूघे नालूए, पिपली खाई लागी शीशी और रोहड़ू जाणा मेरी आमिये आदि गाने पेश किए। अंत में पंजाबी गायक अकरम खान ने खूब धमाल मचाया। अकरम ने दर्द दिलों के कम हो जाते, यादां ता यादां तेरियां, सजणा तेरे नैण फरेबी, आ गया यारां दा फोन, सेम टैम सेम जगह, दिल ले गया, डीजे बजदा, दिल लै गई कुड़ी गुजरात दी, सावण में लग गई आग, मेले बीच पैण बोलियां और लोगों की फरमाइश पर भी गाने गाए। इस सांस्कृतिक संध्या पर आरके अभिलाषी ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में उपस्थित हुए। उनके साथ इस मौके पर ललित अभिलाषी, नर्मदा अभिलाषी तथा नरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। जबकि विशेष अतिथि के रूप में हिल ऑक स्कूल के निदेशक रोशन लाल कपूर ने इस संध्या में शिरकत की। प्रशासन की ओर से मेला कमेटी के अध्यक्ष बल्ह के उपमंडलाधिकारी अश्वनी कुमार, तहसीलदार भवानी सिंह, बीडीओ बसीर खान भी उपस्थित रहे।