मंडी/सरकाघाट। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने मंडी सर्किट के दौरान पशु सेवक की सेवानिवृत्ति अवधि 60 वर्ष तक करने के आदेशों सहित अनेकों फैसले सुनाए। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष वीके शर्मा की बेंच ने सरकाघाट तहसील के जुकैण (निवासी) याचिकाकर्ता पशु सेवक बिशन दास की याचिका को स्वीकारते हुए पशु पालन विभाग को उनकी सेवा अवधि 60 वर्ष तक बढ़ाने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजकुमार शर्मा के अनुसार विभाग ने बिशन दास को 58 वर्ष की उम्र में 31 अगस्त 2017 को सेवानिवृत्त कर दिया था। जबकि विभागीय अधिसूचना के आधार पर सेवानिवृत्ति की उम्र को 60 वर्ष कर दिया गया है। ऐसे में ट्रिब्यूनल ने विभाग को 31 मार्च तक अधिसूचना के आधार पर निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। एक अन्य फैसले में बैहड निवासी सेवानिवृत्त कला अध्यापक रणजीत सिंह को अप्रशिक्षित कला अध्यापक का सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता अक्तूबर 1963 से मई 1970 तक अप्रशिक्षित कला अध्यापक रहा है और इस अवधि के सेवा लाभ का हकदार है। ऐसे में ट्रिब्यूनल ने शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ता के अप्रशिक्षित सेवाकाल का पूरा लाभ तीन माह में देने के आदेश दिए हैं। एक अन्य मामले में ट्रिब्यूनल ने बरच्छवाड निवासी सेवानिवृत्त एचटी यशोदा देवी की याचिका को स्वीकारते हुए उससे वसूल की गई राशि तथा उसकी पदोन्नति पर दी गई वेतन वृद्धि भी बहाल करने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता को उसकी एचटी प्रमोशन पर दी गई वेतनवृद्धि विभाग ने 1996 से वापस कर दी थी तथा उसे 32 साल की सेवा पर वेतनवृद्धि भी नहीं दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने शिक्षा विभाग को 2 महीने के भीतर याचिकाकर्ता के सभी सेवा संबंधी लाभ देने के आदेश दिए हैं।