मंडी। सीएम के गृह जिले में तबादलों की उथल-पुथल में मरीज परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिले के मुखिया और लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज से अटैच जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल अधीक्षक का तबादला हो गया। साहब अपना सामान समेटने में व्यस्त हैं। हालात यह है कि मरीजों को यह जानकारी तक नहीं है कि डाक्टर ओपीडी में मिलेंगे अथवा नहीं। ईएनटी ओपीडी में तीन डाक्टर तैनात हैं। लेकिन, बुधवार को ओपीडी में एक भी डाक्टर नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में जवाब देने से ही मना कर दिया। यहां पर कान के दर्द से बुजुर्ग महिला सीता देवी बिलख बिलख कर रो रही है। लेकिन, सुनने वाला कोई नहीं है। एक नर्स यहां से गुजरती है। पूछने पर कहती है कि डॉक्टर साहब आज ऑपरेशन में व्यस्त है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अस्पताल प्रबंधन ने तीनों डॉक्टरों को एक दिन ड्यूटी पर लगा दिया अथवा डाक्टर छुट्टी पर है। जब इस बारे में एमएस से बात करने की कोशिश की गई तो एसएस तबादले के चक्कर में व्यस्तता का तर्क देकर निकल गए। यही हाल मेडिसन और गायनी की ओपीडी का है। गायनी ओपीडी में तो डेढ़ बजे तक महज 30 मरीजों को कायदे से चेक किया गया है। हालांकि, डाक्टर तक 100 मरीज बैक डोर एंट्री से पहुंच गए हैं। यह आरोप लाइन में लगे तीमारदारों के हैं।
डेढ़ बजे मेडिसन ओपीडी में लाइनों में लगे बुजुर्ग
समय करीब डेढ़ बजे। स्थान मेडिसन ओपीडी नंबर 31। रिवालसर क्षेत्र के गजनोहा निवासी हिम्मत राम (70) कहते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अस्पताल में अलग से ओपीडी नहीं है। 553 पर्ची नंबर मिला है। लेकिन, सुबह से लाइन में नंबर नहीं लग रहा है। अब डाक्टर लंच पर चले गए हैं। अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पौने दो बजे तक गायनी ओपीडी में बैक डोर से एंट्री
समय करीब पौने दो बजे। स्थान गायनी ओपीडी। ओपीडी का गेट बंद है। लंच हो गया है। गुरुकोठा के राजेश कुमार पत्नी मधु ठाकुर को चेक करवाने लाए हैं। पूछने पर कहते हैं कि जनाब यहां पर सुबह से डाक्टरों ने 30 मरीजों को देखा है। 74 नंबर पर्ची हाथ में पकड़ी थी। बोले, 30 मरीज सामने के दरवाजे से अंदर गए तो 50 की बैक डोर से एंट्री सुबह से करवाई जा चुकी है।
पता नहीं शाम तक खुलेगी ईएनटी ओपीडी या नहीं
ईएनटी ओपीडी। समय दो बजे। कोटली के नेकराम कहते हैं कि डाक्टर का पता नहीं कब आएंगे। नर्स से पूछो तो उसने बताया कि आज डाक्टर ऑपरेशन में व्यस्त हैं। शायद दोपहर बाद ओपीडी में आएं। अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं है। ओपीडी का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया है। शायद यह शाम तक खुलेगा भी या नहीं।
निजी अस्पताल में ही करवाना पड़ेगा उपचार
बुजुर्ग सीता देवी कान के दर्द से बिलख-बिलख कर रो रही हैं। पति नागेंद्रपाल ने पूछने पर कहा कि करीब 11 बजे से यहां पर बैठा हूं लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पत्नी को निजी अस्पताल में ही चेक करवाना पड़ेगा। डाक्टर का क्या पता आज आएंगे भी अथवा नहीं। आज दो बजे से ऊपर समय हो गया है।
नहीं पता ओपीडी में कौन डॉक्टर ड्यूटी पर था : एमएस
जोनल अस्पताल मंडी के निवर्तमान एमएस डॉ. टीसी महंत ने कहा कि वह व्यस्तता के कारण इस मामले में सूचना नहीं दे सकेंगे। ईएनटी में ओपीडी डाक्टरों की तैनाती का भी ध्यान नहीं है। इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं।