धर्मपुर (मंडी)। संधोल क्षेत्र की जनता ने जहां क्षेत्र की अनदेखी के चलते चुनावों का बहिष्कार किया, वहीं चतरौण बांह बूथ में जबरन वोट दिलवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। चतरौण बांह और शैड गांव के लोगों ने संधोल संयुक्त चुनाव बहिष्कार समिति के साथ बैठक करके रणनीति बनाते हुए मामले की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकार को सौंपने का फैसला लिया। वहीं एकमात्र वोट को रद्द करने की मांग की है। तर्क दिया है कि जबरन वोट डलवाने से वोट की गोपनीयता भंग हुई है। जिसके आधार पर सिंगल वोट को भी रद्द किया जाए। जिसके बाद ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार प्रकाश चंद धामी के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारी मंडी ज्ञापन भेजते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अन्यथा 15 दिनों में कार्रवाई न होनेे पर प्रदर्शन की धमकी दी है।
क्या है मामला
महिला बीएलओ आशा ने एक अधिकारी पर आरोप लगाया था कि मतदान वाले दिन जब कोई भी वोटिंग के लिए नहीं आया तो जबरन उससे वोट डलवाया था। इस दौरान जबरदस्ती मतदान के लिए पर्यवेक्षक उसकी बाजू खींचकर उसे अंदर ले गई। इस दौरान काफी घबरा गई थी और बेहोश होकर गिर गई। उसे 108 एंबुलेंस में सिविल अस्पताल लाया गया था।
कठोर कार्रवाई करने की मांग
ग्रामीणों ने चतरौण में हुए इस मामले की निंदा की है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बूथ में एकमात्र जबरन वोट के कारण वोट की गोपनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लगा है। उन्होंने इस वोट को भी रद्द करने को कहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा है कि यदि इस मामले में उचित कदम नहीं उठाया तो 15 दिनों में ग्रामीण जोरदार धरना करेंगे। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में बांह के वीर सिंह, राजेंद्र मंढोत्रा, कलिराम, सुरेंद्र व संधोल संयुक्त चुनाव बहिष्कार समिति के अध्यक्ष मान सिंह, रमांकात, राकेश्, कृष्ण चंद, कुलदीप, पंजाब सिंह, प्रताप, अर्जुन, सुभाष, भागमल सहित दो दर्जन लोग शामिल रहे।
उधर, नायब तहसीलदार प्रकाश चंद धामी ने कहा कि ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। आगामी कार्रवाई के लिए ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।