करसोग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा राज्य मुख्यालय से सेवानिवृत्त असिस्टेंट स्टोर ऑफिसर कामेश्वर दत्त शर्मा को गृह रक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें सोमवार को राजभवन में आयोजित समारोह में दिया गया। वह मंडी जिला की तहसील करसोग के तहत सांवीधार गांव से संबंध रखते हैं। कामेश्वर दत्त शर्मा 1979 में गृह रक्षा विभाग में भर्ती हुए। वर्ष 1990 में आनरेरी कंपनी कमांडर के पद पर पदोन्नत किए गए। वर्ष 1991 में आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इन्होंने नेशनल सिविल डिफेंस कॉलेज नागपुर में सीडीआई और डीआरआई का प्रशिक्षण प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया।
इसके अतिरिक्त समय समय पर विभाग की ओर से इन्हें राज्य व राज्य से बाहर ड्यूटी व प्रशिक्षण के लिए तैनात किया गया जिसमें इन्होंने सराहनीय कार्य व उच्च दर्जे का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2010 में इन्हें गृह रक्षा द्वितीय वाहिनी में बटालियन स्टोर ऑफिसर के पद पर तैनात किया गया। वहीं, 2012 में इन्हें राज्य मुख्यालय में असिस्टेंट स्टोर ऑफिसर के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 में विभाग द्वारा इनकी सेवाओं का मूल्यांकन करते हुए इनके सराहनीय कार्य, कर्तव्य निष्ठा एवं ऊंचे दर्जे के अनुशासन को मद्देनजर रखते हुए इनका एक वर्ष के लिए सेवा काल बढ़ाया गया। वर्ष 1992 में फिंगास स्टेट शिमला के 5 मंजिला भवन गिरने पर 70 लोग भवन के मलबे में जिंदा दब गए जिसमें शिमला घूमने आए पर्यटक भी शामिल थे। यह हादसा रात के समय हुआ, जब लोग सो रहे थे। कामेश्वर दत्त शर्मा गृह रक्षा तृतीय वाहिनी की रेस्क्यू टीम का नेतृत्व करते हुए भवन के मलबे में दबे हुए 46 लोगों को जिंदा सुरक्षित निकाला जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि इनका सेवाकाल का जीवन एक जिम्मेवार, अनुशासित, कर्तव्य निष्ठ और स्वच्छ छवि का रहा है। राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति, राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश सरकार और विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया है।