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जिला मंडी में घर घर से गीला और सूखा कचरा अलग अलग उठाने की योजना नहीं हुई लागू

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शुरू नहीं हुई घर-घर से गीला और सूखा
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कचरा अलग-अलग उठाने की योजना
एनजीटी के आदेशों की अवहेलना, मंडी नगर परिषद के पास नहीं पहुंची बोरियां
एक अप्रैल से लागू होनी थी योजना, स्वच्छता में तमगा हासिल कर चुके मंडी शहर के हाल
नीलम मेहता
मंडी। ग्रामीण परिवेश में स्वच्छता अभियान में अव्वल रह कर देश भर में नाम कमा चुके मंडी में एनजीटी के आदेश धरे के धरे रह गए हैं। यहां पहली अप्रैल से घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की योजना लागू नहीं हो सकी है।
नगर परिषद मंडी समेत जिला भर के सात निकाय हैं, लेकिन स्वच्छता को लेकर निकायों का जिम्मा संभाल रहे लोग संजीदा नहीं हैं। वहीं, सबसे बड़े निकाय नगर परिषद मंडी में हालांकि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग उठाने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह कवायद धरी की धरी है। नगर परिषद के पास दोनों तरह का कचरा उठाने के लिए अलग अलग प्लास्टिक की बोरियां नहीं पहुंची हैं। प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2016 में बनाए सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट के तहत नगर परिषद यह नियम पूरी तरह लागू नहीं कर पा रही है। जिला में नगर परिषद मंडी के अलावा नेरचौक, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में नगर परिषद हैं, जबकि नगर पंचायतें रिवालसर, सरकाघाट और करसोग में हैं। लेकिन कहीं भी पूरी तरह से डोर टू डोर गारेबज मुहिम शुरू नहीं हो सकी है।
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शहरवासियों की जुबानी
रोज कूड़ा उठने की भी गारंटी नहीं
गृहिणी हेमनलिनी का कहना है कि रोज कूड़ा उठने की गारंटी नहीं। कूड़े को नियमानुसार उठाने का बंदोबस्त होना चाहिए। किसी ने भी सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग उठाने के बारे में नहीं कहा है।
पहले की तरह चल रही व्यवस्था
वार्ड सात की कमला देवी का कहना है कि कूड़ा जैसे हर रोज देते आए हैं वैसे ही दिया जा रहा है। अलग-अलग कूड़ा मांगा ही नहीं है। अगर मांगेंगे तो दिया जाएगा।
शुरू नहीं हुई नई योजना
गृहिणी निर्मला ने बताया कि अभी तक पुरानी ही मुहिम जारी है। सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग लेने बारे अभी कोई मुहिम जारी नहीं हुई है।

पहले की तरह ही उठाया जा रहा कूड़ा
वार्ड पांच के विरेंद्र प्रसाद ने बताया कि डोर टू डोर गारबेज में हर रोज की तरह नियमानुसार कूड़ा दिया जा रहा है। मगर सूखा और गीला कूड़ा एक साथ ही दिया गया। अगर नप के कर्मचारी सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग मांगेंगे तो दे दिया जाएगा
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प्लास्टिक की बोरियां न पहुंचने के कारण हुई देरी
कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि नगर परिषद मंडी की ओर से डोर टू डोर गारबेज क्लेक्शन के तहत सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग उठाने की मुहिम शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक बोरिया नहीं पहुंच पाई है। जिस कारण सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग नहीं उठा पा रहे है। एक-दो दिन में प्लास्टिक की बोरियां पहुंच जाएंगी। जिसके पहुंचते ही यह मुहिम शुरू हो जाएगी।
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