गोहर (मंडी)। बेमौसमी बारिश से सेब की फ्लॉवरिंग पर संकट के बादल छा गए हैं। बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। इसका सेब की फ्लॉवरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बागवान मौसम की बेरुखी से परेशान हैं। हालांकि, अप्रैल माह में फ्लॉवरिंग होती है, लेकिन मार्च आधा बीत गया है लेकिन गर्मी की कोई आहट नहीं है। मंडी जिले की कमरुघाटी और जंजैहली घाटी में बागवान अभी भी प्रूनिंग में जुटे हुए हैं। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो मार्च-अप्रैल में बारिश का क्रम अगर ऐसा ही रहता है तो सेब बगीचों में होने वाली फ्लावरिंग बिगड़ सकती है। इससे हजारों बागबानों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सेब उत्पादित क्षेत्रों में इस बार चिलिंग आवर्स भी पूरे हो गए हैं, लेकिन बेमौसमी बारिश शुरू होने और ठंड के प्रभाव से मंडी जिले में करोड़ों की बागवानी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बागवानों हेम सिंह ठाकुर, दीनू, परमा राम, वेद प्रकाश, देवी राम, पूर्ण, यशवंत, भीम सिंह, लाभ सिंह, यशु, सुरेश शर्मा, रमेश ठाकुर सहित अन्य ने बताया कि 15 मार्च के बाद सेब पौधों में कोपलें आना शुरू हो जाती थीं, लेकिन इस बार बारिश और ठंड बागवानों की चिंता बढ़ा रही है।
फ्लावरिंग पड़ेगा असर : एसपी भारद्वाज
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज का कहना है कि सेब की फ्लॉवरिंग को अभी समय है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में फ्लॉवरिंग एडवांस में होती है और यहां का सेब सबसे पहले निकलता है। उन्होंने कहा कि मौसम फ्लावरिंग के समय साफ होना चाहिए। अगर मौसम साथ नहीं देता है तो फ्लावरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे सेब की सेटिंग खराब हो सकती है।