सुंदरनगर (मंडी)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घीड़ी का भवन अगर शीघ्र नहीं बना तो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे। यह निर्णय स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया है। अभिभावकों ने सरकार और विभाग को यह अल्टीमेटम दिया है। वहीं इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने निर्माणाधीन भवन के बाहर खड़े होकर नारेबाजी भी की। घीड़ी की स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों का कहना कि वर्ष 2008 में भवन निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई और 2012 में निर्माण कार्य से संबंधित टेंडर होने के बावजूद आज तक भवन निर्माण का पहला चरण भी पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि धीमी गति से चल रहे पहले चरण में निर्माण कार्य के पूरा न होने की वजह से पर्याप्त पैसा होने के बावजूद अगले चरण की टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पा रही है। वर्तमान में पाठशाला में अध्ययन कर रही सात कक्षाओं के पठन-पाठन के लिए पुराने भवन के तीन कमरों में ही जुगाड़ करना पड़ रहा है। इसमें पुराने भवन के चार कमरों में प्रधानाचार्य कक्ष, आईसीटी लैब के साथ छठी से बारहवीं तक सात कक्षाओं में पढ़ रहे 92 विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में स्थानीय बच्चे दूसरे स्कूलों में मजबूरन पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और ठंड के दौरान बच्चे सामूहिक रूप से बरामदे में बैठकर ठिठुरने को मजबूर रहते हैं। अभिभावकों ने विभाग और सरकार को इस कार्य को शीघ्र पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। बैठक में प्रबंधन समिति सदस्य नरेंद्र कुमार, इंद्रू राम, जीवन सिंह, रमा देवी, बेलावती, दुर्गादास, कुंदन लाल, तेजेंद्र कुमार, सुमन ,ज्योति, भीष्म देव, देवराज, गीता और बिंद्रा देवी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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