शिक्षक दिवस पर काले बिल्ले लगाकर पढ़ाए विद्यार्थी
कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की इंक्रीमेंट रोकने पर रोष
कहा-21 अक्तूबर तक वापस लिया जाए फैसला नहीं तो आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी/सुंदरनगर। कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के 38 प्रवक्ताओं की इंक्रीमेंट रोकने की कवायद का विरोध करते हुए राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षक दिवस पर काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया। इस दौरान कक्षाओं में बच्चों को काले बिल्ले लगाकर पढ़ाया। वहीं, सरकार को चेताया कि अगर 21 अक्तूबर तक सभी 38 प्रवक्ताओं की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश वापस न लिए गए तो यह रोष महा आंदोलन में बदलेगा। मंडी जिले में करीब 2700 शिक्षक संघ से जुड़े हैं, जिन्होंने विभिन्न स्कूलों में काले बिल्ले लगाए। वहीं, सुंदरनगर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक को विरोध जताने के लिए इसलिए चुना गया है कि अगर शिक्षक का सम्मान न होगा तो शिक्षक दिवस मनाने की भावना कैसे पूरी होगी? यह दिन शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है और जिन शिक्षकों के इंक्रीमेंट रोकने का सरकार ने निर्णय लिया है, उसे वायदा कर भी वापस न ले सरकार ने शिक्षकों की अनदेखी की है जो किसी भी सूरत में सहनीय नहीं है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिला प्रधान अश्वनी गुलेरिया ने बताया कि पूर्व योजना के तहत पूरे मंडी जिले में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के सदस्यों ने अपनी-अपनी पाठशालाओं में काले बिल्ले लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ पूरी तरह से शिक्षक दिवस का सम्मान करता है। मांग उठाई कि इंक्रीमेंट रोकने से पहले सरकार शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाए और गैर शिक्षण कार्यों में शिक्षकों की भागीदारी बंद की जाए, जिससे वह अपना पूरा ध्यान बच्चों को शिक्षा प्रदान करवाने में लगा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की भावनाओं को समझेगी, जिसकी उन्हें पूरी आस है। सरकार अगर एक कदम आगे बढ़ाएगी तो शिक्षक दो कदम चल कार्य करेंगे। इस दौरान दया राम, राजेंद्र ठाकुर, योगराज, श्वेता, रामदेई, सपना, सीमा, कुसुम, लेख राम, दया राम ठाकुर, सावित्री राणा, सुनीता, सावित्री, कविता रानी और तरुणा शर्मा मौजूद रहे।