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कणू, हंसु और नाऊ गांव में डायरिया फैला डायरिया

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नगवाईं के कणू, हंसु और नाऊ गांव में फैला डायरिया
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ग्यारह मरीज नगवाईं सीएचसी में भर्ती, दो दर्जन लोगों के बीमार होने की सूचना
स्टोरेज टैंक और प्राकृतिक स्रोतों की सैंपलिंग की मांग
सभी बीमार ग्रामीणों की हालत में सुधार, सीएचसी में सुविधाएं न होने पर हुई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
नगवाईं (मंडी)। क्षेत्र के केकणू, हंसु और नाऊ गांवों में डायरिया फैल गया है। इन गांवों के करीब दो दर्जन लोग डायरिया की चपेट में हैं। रविवार को 11 लोगों की तबीयत अधिक बिगड़ने पर नगवाईं सीएचसी में भर्ती करवाया गया है, जहां इनका उपचार चल रहा है। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं कुछ ओपीडी से ही दवाएं लेकर वापिस लौट गए और कुछ ने निजी क्लीनिकों का रुख किया है। उधर पंचायत प्रतिनिधियों ने मामले की सूचना आईपीएच और प्रशासन को सौंप दी है। उन्होंने गांव में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों और आईपीएच के स्टोरेज टैंक और सप्लाई की सैंपलिंग की मांग की है। वहीं रविवार को डायरिया के अधिक मामले आने पर हड़कंप मच गया। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल में रोगियों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, सीएमओ डॉ जीवानंद ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा। जरूरी दवाओं का वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर निगाह रखे हुए है। ग्राम पंचायत किंग्स के उपप्रधान राम ठाकुर ने बताया कि पंचायत के हंसु तथा कणू गांव के लोग डायरिया की चपेट में आये है तथा आईपीएच विभाग को सूचित कर पानी के सैंपल की जांच करने के लिए कहा गया है।
तो दूषित पानी से फैली बीमारी
सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और प्रचुर मात्रा में पेयजल मुहैया करवाने का दावा कर रही है। वहीं, लोगों को दूषित पानी के कारण जलजनित रोगों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह नहीं है पानी सरकारी नलों में आ रहा है या प्राकृतिक या निजी बावड़ियों से लिया जा रहा है। लेकिन चिंतन का विषय है कि पानी के स्रोतों को साफ सुथरा रखने के लिए पंचायत या विभाग की तरफ से इंतजाम क्यों नहीं हो पा रहे है? इससे पहले भी क्षेत्र में बाहा गांव में दूषित पानी से दो दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे।
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सभी घायलों की हालत स्थिर
नगवाईं सीएचसी में कार्यरत स्टाफ नर्स सरोज ने बताया कि अस्पताल में हिमी सिंह, चंपा देवी, भोली, तनु, डोले राम, लता, पूणे राम, सुभद्रा, पिंकी, हिरा, नंत राम आदि डायरिया के मरीज उपचाराधीन हैं। वहीं दूसरी तरफ सीएचसी में भर्ती लोगों की सूचना स्टाफ ने आला अधिकारियों को दे दी है।

डायरिया के लक्षण
आंतों में सूजन, पतला दस्त या लूज मोशन, दस्त के साथ खून, कमजोरी आ जान,उल्टी, मितली आने के साथ पतला दस्त आना। यह पेट और आंत में एसिडिटी बनने से होता है।
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इन बातों का ध्यान रखें
डायरिया होने पर तेल-मसालों वाले खाने से परहेज करना चाहिए। डायरिया में दूध या दूध से बने पदार्थ नहीं खाना चाहिए, मरीज की हालत और बिगड़ जाती है। केले, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण जिसे ब्राट कहते हैं, इसके सेवन से डायरिया में राहत मिलती है। कच्चा केला और चावल आंतों की गति को नियंत्रित करने और दस्त रोकने में सहायता करते हैं पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें लेकिन अगर फिर भी डायरिया बढ़ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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