गोहर (मंडी)। प्रशासन की कार्रवाई के बाद गोहर बाजार में सालों से किराये पर कुंडली मारे दुुकानदारों ने अब किस्तों में किराया चुकाने की गुहार लगाई है। इसके लिए कई दुकानदारों ने पंचायत के समक्ष आवेदन किया है।
इन दुकानदारों से पंचायत को करीब चार लाख की धनराशि बतौर किराया लेने को रह गई थी। जिसमें करीब 1 लाख पंचायत कार्यालय में प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमा हो चुका है। अनेक दुकानदारों ने पंचायत में प्रार्थना पत्र देकर किस्तों में पुराने किराये की अदायगी देने की गुहार लगाई है। पिछले करीब दो दशकों से पंचायत ने गोहर बाजार में करीब दो दर्जन दुकानों का निर्माण कर इन्हें किराये पर दे दिया था। जिसके बाद अनेक दुकानदारों ने पंचायत कार्यालय में किराया जमा नहीं करवाया। अनेक पंचायत प्रतिनिधि आए और गए लेकिन, सरकारी दुकानों में बैठे दुकानदारों ने समय पर किराया देने की जहमत नहीं उठाई। करीब 4 लाख किराया होने के बाद जब बाजार के एक व्यक्ति ने इस संबंध में एसडीएम गोहर राघव शर्मा को लिखित शिकायत दर्ज करवाई तो प्रशासन हरकत में आ गया।
एसडीएम राघव शर्मा ने इस संबंध में बीडीओ गोहर को जांच के आदेश जारी किए थे। बीडीओ गोहर ने जांच की रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जिसमें करीब 4 लाख किराया पंचायत के दुकानदारों का शेष खड़ा था। एसडीएम ने डीसी मंडी को पत्र लिखकर जिला पंचायत अधिकारी को इस बारे में जल्द कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। जिसके बाद गोहर पंचायत ने इन सभी दुकानदारों को 15 दिन का नोटिस जारी किया। जिसमें यह चेतावनी दी गई कि अगर 15 दिनों के अंदर कुंडली मारे बैठे दुकानदार किराया नहीं देते हैं तो दुकानें खाली कर इन्हें खदेेड़ा जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई होते ही पिछले कई वर्षों से पंचायत गोहर की सरकारी दुकानों पर कुंडली मारे बैठे दुकानदारों ने धड़ाधड़ पंचायत कार्यालय में पहुंचना शुरू कर दिया।
किस्तों में अदायगी की मांग कर रहे दुकानदार : सचिव
पंचायत सचिव भागीरथ चौहान ने बताया कि करीब 1 लाख रुपये पंचायत कार्यालय में किराये का दुकानदारों ने जमा करवा दिया है। अनेक दुकानदारों ने किस्तों पर किराये का भुगतान करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।