जोगिंद्रनगर (मंडी)। पहाड़ों पर हिमपात न होने और निचले क्षेत्रों में बारिश न होने के कारण जहां एक तरफ नदियों के जल स्तर में भारी गिरावट आई है, वहीं जोगिंद्रनगर क्षेत्र में चल रही दो विद्युत परियोजनाओं के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिल रही है। यहां पर 110 मेगावाट की पंजाब अधिकृत शानन विद्युत परियोजना और प्रदेश सरकार अधिकृत चल रही 66 मेगावाट की बस्सी परियोजना को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण दोनों परियोजनाओं का उत्पादन लगभग 20 और 16 मेगावाट सिमट कर रह गया है। 110 मेगावाट की शानन स्थित विद्युत परियोजना में लगभग 80 सेंटीमीटर पानी ही मिल रहा है। जिसके चलते इस परियोजना में 110 मेगावाट की जगह लगभग 20 मेगावाट ही उत्पादन हो रहा है। इस परियोजना में लगभग 15 मेगावाट की चार मशीनें और एक मशीन 50 मेगावाट की लगी है। लेकिन, पानी की कमी के चलते 15 और 15 मेगावाट की दो मशीनों से लगभग 20 मेगावाट ही विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इसी परियोजना के पानी पर आधारित हिमाचल प्रदेश के अधीन चल रही 66 मेगावाट की विद्युत परियोजना में भी पानी की कमी के चलते लगभग 10 से 16 मेगावाट तक का ही विद्युत उत्पादन हो रहा है। इस परियोजना में भी लगभग 80 सेंटीमीटर ही पानी उपलब्ध हो पा रहा है। यहां पर लगभग 16.5 मेगावाट की एक मशीन से लगभग 16 मेगावाट तक ही विद्युत उत्पादन हो पा रहा है। जिसके चलते दोनों ही परियोजनाओं में पानी की भारी कमी के चलते उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। इस संदर्भ में जब आरई शानन घनश्याम दास से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पानी की कमी के चलते विद्युत उत्पादन में गिरावट आई है। इसी प्रकार से बस्सी विद्युत परियोजना के सहायक स्थानिक अभियंता अरुण धीमान ने कहा कि परियोजना को पर्याप्त पानी न मिलने के चलते उत्पादन में गिरावट आई है।