अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। भैया दूज का त्योहार कार्तिक मास की द्वितीय को मनाया जाता है। भैया दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं। इस पर्व का हिंदू धर्म में प्रमुख स्थान है। जिला मंडी में भी इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की आरती उतारकर उनके माथे पर तिलक करके उनकी लंबी उम्र की कामना की। जिला के हर स्थान पर बहनों ने अपने भाई के घर जाकर यह त्योहार मनाया। भाई-बहनों ने एक-दूसरे को उपहार भी दिए। मंडी शहर में भी इस दौरान बाजारों में भारी रौनक देखी गई। बहनें-भाइयों के लिए रूमाल, मिठाई व अन्य उपहार खरीदती हुई देखी गई। उधर एचआरटीसी की बसों में सरकार ने महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा भी प्रदान की। इसके चलते बसों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। माइंड ट्री स्कूल मंडी आईआईटी कैंपस ने दीपावली व भाईदूज का पर्व धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया भी गया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश स्तुति और मां लक्ष्मी के समक्ष दीपक जलाकर की गई। इसके बाद माइंड ट्री स्कूल के बच्चों ने मधुर गीत आज की रात करें दूर अंधेरा प्रस्तुत किया। इसके बाद हैपी दिवाली गीत पर ग्रुप डांस प्रस्तुत किया गया। बच्चों व अध्यापकों ने मिलजुल कर इस मौके पर परिसर को सजाया हुआ था। स्कूल के प्रधानाचार्य गुलशन दीवान ने इस मौके पर बच्चों को दीपावली व भाईदूज का महत्व बताया। उन्होंने सभी स्टाफ सदस्यों और बच्चों को त्योहारों की शुभकामनाएं दीं।
भैया दूज का महत्व
मान्यता है कि भाई-दूज के दिन सूर्य पुत्र यम ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर भोजन कर उपहार भेंट किया था। तभी से यह त्योहार यम द्वितीया एवं भाई दूज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन यम की पूजा के पश्चात यमुना जी की पूजा भी की जाती है। यह त्योहार दिवाली का प्रमुख उत्सव होता है। पंचपर्व का यह आखिरी दिन होता है। हिंदू धर्म में भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाए जाते हैं। पहला रक्षाबंधन जो कि श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है। दूसरा त्योहार भाई दूज का होता है इसमें बहनें भाई की लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं।