निकटवर्ती पाठशालाओं में किया मर्ज
शून्य संख्या वाले पांच स्कूलों पर भी गिरी गाज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले की 20 सरकारी पाठशालाओं को पांच या उससे कम विद्यार्थियों की संख्या होने के कारण निकटवर्ती पाठशालाओं में समायोजित किया गया है। कम नामांकन के चलते इन विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय लिया गया है। चौंतड़ा शिक्षा खंड-दो के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला संदाह को केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला उटपुर में मर्ज किया गया है। इसी प्रकार गोपालपुर शिक्षा खंड-दो की मैरा पाठशाला को बनमागो में समायोजित किया गया है।
इसी क्रम में धर्मपुर-दो के जीपीएस जरेड को बरेहल, चच्योट-एक के भवानीपुर को देवधार, सदर-दो के दुलची को सुनिसीर, चौंतड़ा-एक के भागेहड़ को भट्यारा, खोहली को एहजू, चरौंझ को रोपड़ू, सरोली को नागन, गोपालपुर-एक की ठाणा को गोपालपुर, रिवालसर के लखवान को सिध्याणी, करसोग-एक की खडूना को काओ, बटाला बेहाली को नेहरा, बल्ह की चकराहरी को बगला, औट की तरायल को डारल, सलवाहन की कटलोन को चौकड़ी, साईगलू की मंधोखर को भरगांव, जजवाहन को सदियाना, निहरी की गड़ाहच को बंदली तथा रिवालसर की बनौन को धार पाठशाला में मर्ज किया गया है।
बॉक्स
शून्य नामांकन वाले पांच सरकारी स्कूल बंद
जिले में शून्य नामांकन (जीरो एनरोलमेंट) वाले पांच सरकारी स्कूलों को डिनोटिफाई कर बंद करने का निर्णय लिया गया है। इनमें गोपालपुर-2 शिक्षा खंड का जीपीएस शैलाग, सलवाहन शिक्षा खंड के जीपीएस मग्गर और जीपीएस कंगर, सुंदरनगर-1 का जीपीएस कुफरी तथा सराज-2 का जीएमएस टिक्की शामिल हैं।
बंद किए गए विद्यालयों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का समायोजन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। साथ ही स्कूलों के भवन, रिकॉर्ड और अन्य सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्थानांतरित किया जाएगा। उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर धीमान के अनुसार, विद्यार्थियों की संख्या नहीं होने के कारण इन विद्यालयों का संचालन व्यावहारिक नहीं रह गया था। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।