सुंदरनगर के बस स्टैंड में 12 मीटर की बसें हटने के बाद अन्य खड़ी की गई बसें। स्त्रोत:जागरूक पाठक
सुंदरनगर (मंडी)। एचआरटीसी के सुंदरनगर डिपो से 20 बसें हटाने के बाद अब 100 से अधिक रूटों के संचालन का जिम्मा 81 बसों पर रह गया है। नई बसें नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। बसों की कमी के कारण कई बसों को पहले ही दिन में तीन से चार रूटों पर चलाना पड़ रहा है।
डिपो से हटाई गई बसों में बस स्टैंड पर लंबे समय से खड़ीं 12 मीटर लंबी छह बसें और उम्र पूरी कर चुकी 10 बसें शामिल हैं। इसके अलावा चार बसें दूसरे डिपो में भेजी गई हैं। तीन नीली नौ मीटर लंबी बसें भी हटाई गई हैं।
अब सुंदरनगर डिपो के पास 72 डीजल और नौ इलेक्ट्रिक बसें बची हैं। इनमें से रोजाना सात से आठ बसें खराबी के कारण खड़ी रहती हैं। इससे रूटों पर बसों की उपलब्धता और घट जाती है। बसों की कमी का असर खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर पड़ने की आशंका है। ऐसे में यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है।
प्रबंधन के आदेशानुसार लंबे समय से बस स्टैंड पर खड़ीं छह बसों को हटाया गया है। अन्य 14 बसों में से चार को दूसरे डिपो में भेजा गया है, जबकि 10 बसें कंडम होने के कारण हटाई गई हैं। बसों की कमी के कारण रूटों का संचालन मुश्किल हो रहा है। -नरेश कुमार, अड्डा प्रभारी सुंदरनगर