मंडी/सुंदरनगर। जिलेभर में बीएसएनएल के अधिकारी सोमवार से अपनी पूर्व निर्धारित तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते जिले में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इस हड़ताल को ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल के बैनर तले किया जा रहा है। इस मौके पर मंडी और सुंदरनगर में बीएसएनएल के कर्मचारियों ने विरोध रैली निकालकर अपने कार्यालयों के बाहर जोरदार नारेबाजी की। एसएनईए के जिला सचिव महेंद्र सिंह पठानिया, बीएसएनएल मंडी के सचिव जय सिंह चौहान, बीएसएनल यूनियन के जिला सचिव हेमराज शर्मा व परविंद्र कुमार ने कहा कि हड़ताल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। नेताओं ने बताया कि गत वर्ष एयूएबी और राज्य मंत्री के बीच बैठक में मंत्री ने समयबद्ध तरीके से उनकी मांगों को निपटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्यान्वयन में असामान्य देरी के कारण कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी हैं। उधर, महाप्रबंधक दयानंद कात्यायन ने बताया कि जिलेभर में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते 90 प्रतिशत कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ने आश्वासन दिया है।
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ये हैं मुख्य मांगेें
मुख्य मांगों में बीएसएनएल को फोरजी स्पेक्ट्रम का आवंटन करना, सरकार के नियमानुसार बीएसएनएल द्वारा पेंशन अंशदान का भुगतान करना, बिना किसी देरी के बीएसएनएल भूमि प्रबंधन नीति के लिए स्वीकृति देना। बीएसएनएल की सभी परिसंपत्तियों के म्यूटेशन और हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना, बीएसएनएल के निदेशक मंडल के सभी रिक्त पदों को भरना, बीएसएनएल के मोबाइल टावरों के संचालन व रखरखाव के लिए आउटसोर्सिंग बंद करना, वेतन पुनरीक्षण से पेंशन संशोधन के लिए मंत्री के आश्वासन को लागू करना आदि शामिल है।
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