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नगाड़ों और शहनाई की गूंज से भक्तिमय हुआ माहौल

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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। बड़ादेव कमरूनाग राजदेवता माधोराय से मिलन कर दरबार में ढाई बजे ही पहुंच गए। राजदरबार सजने का समय तीन बजे था, जिससे उन्हें इंतजार करना पड़ा। राजा अशोक सेन को भी समय से पूर्व ही आना पड़ा। जिसके बाद राज पुरोहित पवन शर्मा ने बड़ोदव की पूजा अर्चना की। उधर, ढोल, नगाड़ों और शहनाई की गूंज से एक साल बाद मंडी शहर फिर भक्तिमय हो उठा। मंडी शहर में प्रवेश करने से पहले बड़ादेव कमरूनाग का पुलघराट के पास प्रशासन के अधिकारियों और सर्व देवता कमेटी के प्रधान शिव पाल शर्मा ने स्वागत किया। जिसके बाद देव कमरूनाग के राज देवता माधोराय के दरबार में हाजिरी लगाई। शिवरात्रि मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर, सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने देवता से मेला शांतिपूर्ण से ढंग से संपन्न करवाने और मौसम साफ रखने की फरियाद लगाई। माता बगलामुखी, बूढ़ी भैरवा, शुकदेव ऋषि, देव ढगाड़ू ऋषि, वजीर झाथी वीर, बूढ़ा बिंगल भी शिवरात्रि देव समागम की शोभा बढ़ाने के लिए मंडी पहुंच गए हैं। देवताओं ने तीन बजे के करीब राजदेवता माधोराय मंदिर में हाजिरी भरी। इसके बाद सवा तीन बजे के करीब शुकदेव ऋषि, ढगाडू ऋषि, बूढ़ी भैरवा माता बगलामुखी ने सवा तीन बजे राजदरबार में हाजिरी दी। इसके बाद देव बूढ़ा बिंगल और उनके वजीर झाथी वीर ने राजदेवता माधो राय से मिलन के बाद दरबार में राजा के सामने हाजिरी भरी। सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने कहा कि बड़ादेव कमरूनाग समेत सात देवी-देवता मंगलवार को मंडी पहुंच गए हैं।
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