मंडी। प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए शिवरात्रि से पहले आराध्य देव कमरूनाग मेहमाननवाजी के लिए मंगलवार बाद दोपहर छोटी काशी मंडी पहुंचे। बारिश और बर्फबारी के तोहफे के साथ आराध्य देव कमरूनाग ने राज देवता माधोराय के मंदिर में हाजिरी भरने के बाद टारना मंदिर में विराजमान हुए। कतारों में देवता के भक्तों ने बड़ा देव का आशीर्वाद लिया। शिवरात्रि मेले के दौरान सभी देवता पड्डल मैदान में विराजमान रहते हैं लेकिन, बड़ा देव एकांत में रहना पसंद करते हैं और टारना के मंदिर में सात दिन विराजमान रहते हैं। बड़ादेव से अगर कोई अन्य देवी देवता मिलन करना चाहें तो वह देवता टारना की पहाड़ी पहुंच जाते हैं। इन्हें बारिश का देवता भी माना जाता है। इसके अलावा मंगलवार को छह अन्य देवी देवता भी मंडी पहुंचे। जिन्होंने माधोराय मंदिर में शीश नवाया। वहीं, बाबा भूतनाथ मंदिर में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग पर शिवरात्रि के अवसर पर बाबा भूतनाथ का जलाभिषेक हुआ। इससे पहले मंगलवार को सुबह चार बजे शिवलिंग को मक्खन की परत के बीच निकालकर शिवरात्रि महोत्सव के लिए शिवलिंग का शृंगार किया गया।