फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना डॉक्टर सुंदरनगर की हजारों की आबादी आफत में

विज्ञापन
विज्ञापन
सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश में सरकार ने लोगों की सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं, लेकिन उनमें चिकित्सक न होने से मरीज परेशान होकर रह गए हैं। सुंदरनगर उपमंडल में स्थित पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के पद खाली पड़े हुए हैं। इनमें से कई स्थानों पर तो पद एक वर्ष से अधिक समय से खाली चल रहे हैं। जबकि, कई केंद्रों में छह माह से चिकित्सक नहीं है। ऐसे में बिना चिकित्सक पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोगियों के लिए उपचार करवाना परेशानी बनकर रह गया है। हजारों की आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं आफत बनने लगी हैं। सर्द मौसम में बीमारी होने की स्थिति में मरीजों को मीलों दूर सफर तय कर सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचना पड़ रहा है। बीमारी की हालत में परेशानी भी उठानी पड़ रही है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग उनकी परेशानी का समाधान करने में विफल साबित हो रहा है। सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुराहल, मलोह, हाड़ा बोई, चौक और तलेली में पिछले लंबे समय से कोई भी चिकित्सक तैनात नहीं है।
विज्ञापन


दुर्गम क्षेत्र हाड़ाबोई के स्वास्थ्य केंद्र का भी यही हाल
हालात ऐसे हैं कि यहां के दुर्गम क्षेत्र हाड़ाबोई में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक वर्ष से अधिक समय से चिकित्सक तैनात नहीं है। यहां पर तो न फार्मासिस्ट है और न ही कोई अन्य पैरामेडिकल स्टाफ। केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले है जो केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बुखार व दर्द इत्यादि की दवा देकर आगे जाने से पहले कुछ राहत प्रदान कर देता है। खुराहल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का लोकार्पण पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने करीब छह माह पूर्व किया था। जिसके बाद से ही यहां पर कोई भी चिकित्सक तैनात नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मलोह में कार्यरत चिकित्सक पीजी करने के लिए चला गया है। जिसके बाद से यहां पर कोई अन्य तैनात नहीं हुआ है। यही हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तलेली और चौक का है। यहां पर मरीज उपचार की आस में पहुंचते तो हैं लेकिन चिकित्सक न होने पर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है।

नई सरकार से लोगों को राहत की उम्मीद
ग्रामीण परस राम, नरेंद्र कुमार, विजय कुमार, संजय कुमार, सुनीता देवी, राम सिंह और शेर सिंह का कहना है कि अब जबकि नई सरकार ने प्रदेश में कार्यभार संभाल लिया है, ऐसे में सभी को सरकार से उम्मीदें हैं कि वह लोगों की परेशानी को समझते हुए शीघ्र ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति कर राहत प्रदान करेंगी।
विज्ञापन


भरे जाएंगे डॉक्टरों के खाली पद : स्वास्थ्य मंत्री
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार का कहना है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा कर रह गई थीं। सरकार ने अपने शासनकाल के सौ दिनों के भीतर 100 एमबीबीएस चिकित्सकों की नई नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। जिसके लिए कवायद आरंभ कर दी गई है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें