मुख्य अरण्यपाल बोले- एफसीए मामलों के निपटारे के लिए वन विभाग तकनीकी सहयोग देने को तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी । मुख्य अरण्यपाल मंडी अजीत कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में वीरवार को मुख्य अरण्यपाल कार्यालय में एफसीए (फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट ) मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंडी वन वृत्त में कुल 187 मामले लंबित हैं, जिनमें से 50 में सैद्धांतिक अनुमति स्टेज-1 मिल चुकी हैं और 112 मामले यूजर एजेंसी की ओर से कार्रवाई न किए जाने के कारण केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पोर्टल से खुद ही हट गए हैं। डीएफओ स्तर पर केवल 3 मामले लंबित हैं। मुख्य अरण्यपाल ने लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे के लिए विभागीय अधिकारियों को बताया कि विभिन्न स्तरों में लगाई गई टिप्पणियों पर कार्यवाही करें, ताकि मामलों को स्वीकृति मिल सके।
उन्होंने बताया कि परिवेश 1.0 और 2.0 में यदि 90 दिन तक टिप्पणियों का जवाब नहीं देते हैं तो इन मामलों को सॉफ्टवेयर अपने आप ही इन मामलों को हटा देता है। इसलिए विभागों को ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य अरण्यपाल ने विभागों से कहा कि यदि उन्हें वन विभाग से कोई तकनीकी सहयोग चाहिए तो विभाग के डीएफओ उनकी हर मदद करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे एफसीए से जुड़े सभी मामलों को त्वरित ध्यान दे ताकि शीघ्र अति शीघ्र विकासात्मक कार्यों के लिए भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो। बैठक में डीएफओ (जिला मुख्यालय) अंबरीश शर्मा, डीएफओ एसएस कश्यप, डीएफओ मंडी बसु डोगर, जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।