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हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले वेतन व सुविधाएं

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आंगनबाड़ी वर्करों को हरियाणा की तर्ज पर मिले वेतन
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संघ ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)। नागरिक सभा सुंदरनगर के समन्वयक सुरेंद्र सेन के नेतृत्व में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने उपमंडल अधिकारी (ना.) के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि यूनियन ने समय-समय पर सरकार के समक्ष उनकी प्रमुख मांगों को उठाया है, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं फरमाया और महंगाई बढ़ने के बावजूद उनके मानदेय में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई है कि उन्हें हरियाणा की तर्ज पर 11,500 रुपये और सहायिका को 6 हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के मुताबिक पक्का किया जाए और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। सेवानिवृत्ति की आयु सीमा हरियाणा की तर्ज पर 65 वर्ष की जाए। वर्ष 2013 से लंबित एनएचआरएम के बिलों का तुरंत भुगतान किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सेवानिवृत्ति पर डेढ़ लाख रुपये और सहायिका को एक लाख रुपये की ग्रेच्युटी दी जाए। केंद्र सरकार ने जो केस दिल्ली उच्चतम न्यायालय में डाला है कि पोषाहार का पैसा सीधा लाभार्थियों के खाते में डाला जाएगा, उसे तुरंत वापिस लिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को पूरे आंगनबाड़ी का दर्जा दिया जाए और दूसरे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बराबर मानदेय दिया जाए और वहां हेल्पर की भर्ती की जाए। इसके अलावा आंगनबाड़ी को प्री नर्सरी का दर्जा देने की भी मांग उठाई गई है।
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