मंडी। सरकारी चिकित्सकों को स्नातकोत्तर के लिए पचास फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों को 50 फीसदी इन सर्विस कोटा प्रदान करती है तो प्रदेश में ही कार्यरत चिकित्सक पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद प्रदेश में ही सेवाएं देते रहेंगे। अन्यथा अन्य प्रदेशों के चिकित्सक यहां पीजी करके अपने प्रदेश लौट जाएंगे और प्रदेश विशेषज्ञ चिकित्सकों से वंचित रह जाएगा। लिहाजा सरकार से हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन मंडी इकाई ने आग्रह किया है कि चिकित्सकों के पलायन को रोकने के लिए 50 फीसदी सर्विस कोटा पहले की तरह पुन: लागू किया जाए। ऐसा करना प्रदेश की जनता के लिए हितकर है और जरूरी भी है। ऐसा करने से राज्य के चिकित्सकों को प्रदेश में ही पीजी करने का सुनहरा मौका मिलेगा और प्रदेश की जनता को फायदा होगा।
एनएमसी का भी जताया विरोध
वहीं संघ ने नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का भी विरोध जताया। दावा किया कि इस तरह की प्रक्रिया अगर लागू हो जाती है तो देश के लोगों के लिए बहुत हानिकारक साबित होगी। अत: सरकार से आग्रह है कि अन्य पद्धतियों को एलोपैथी से दूर रखा जाए और उन्हें अपने अस्तित्व को जिंदा रखने का मौका दिया जाए। यदि अन्य पद्धतियों के चिकित्सक एलोपैथी की दवाइयां लिखते हैं तो वह अपनी पद्धतियों के साथ अन्याय करने के लिए बाध्य हो जाएंगे जिससे उनकी गुणवत्ता समाप्त होने के कगार पर आ जाएगी।
एक काम एक पगार मांगी
यूनियन का कहना है कि एक काम एक पगार के लिए काफी अरसे से लड़ाई चल रही है। संघ ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि राज्य के सभी चिकित्सकों का वेतन केंद्र सरकार की ओर से दिए जा रहे वेतन के बराबर हो। इससे प्रदेश में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा। वह और अधिक निष्ठा से अपनी सेवाएं प्रदेश की जनता को दे पाएंगे। एक जैसा कार्य करने के बाद भी वेतन में भेदभाव मनोबल को तोड़ता है। अत: कोई भी वेतन संबंधी भेदभाव नहीं होना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री से मिलेगी एसोसिएशन
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्ज एसोसिएशन मंडी इकाई के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र रुड़की ने बताया कि सभी मांगे चिकित्सकों और जनता के हित में हैं। सरकार को शीघ्र ही इस संदर्भ में कदम उठाना चाहिए। वहीं, इकाई के महासचिव डॉ. विकास ठाकुर और प्रेस सचिव डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि शीघ्र ही स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से प्रदेश की संघ इकाई के साथ मिलेंगे और धरातल स्थिति से उन्हें अवगत करवाएंगे।