मंडी/जंजैहली/सरकाघाट। माकपा जंजैहली में एसडीएम कार्यालय की बहाली के समर्थन का दायरा बढ़ाने की जुगत में है। भाजपा के तमाम डैमेज कंट्रोल के बाद विवाद थमने के बजाय बढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार को सिराज संघर्ष समिति के बैनर तले जारी आंदोलन को समर्थन देते हुए माकपा की जिला कमेटी ने आंदोलन का बिगुल तेज करते हुए पूर्ण समर्थन का एलान कर दिया है। मंडी, जोगिंद्रनगर, बालीचौकी, जंजैहली, सरकाघाट और सुंदरनगर में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए जंजैहली में एसडीएम कोर्ट शिफ्ट करने की वकालत की है। साथ ही दावा किया है कि इस आंदोलन में भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। माकपा के जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि जंजैहली से एसडीएम कार्यालय को शिफ्ट करने का प्रदेश सरकार का फैसला और अधिसूचना तर्कसंगत नहीं है। सिराज क्षेत्र की जनता के लंबे संघर्ष के बाद ही जून 2016 को जंजैहली में एसडीएम कार्यालय खोलने की अधिसूचना जारी हुई थी तथा जुलाई 2016 में यहां पर एसडीएम कार्यालय ने विधिवत काम करना शुरू कर दिया था। जंजैहली में उपमंडल कार्यालय खुलने से सिराज क्षेत्र की अनेकों पंचायतों के बाशिंदों को अपने कार्य करवाने में बहुत सहूलियत हुई थी। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर के तहत सिराज में एसडीएम कार्यालय खुला था। वर्तमान राज्य सरकार की ओर से नियुक्त एडवोकेट जनरल की ओर से उच्च न्यायालय में सही से पैरवी न करने के चलते ही उच्च न्यायालय ने उपरोक्त अधिसूचना को रद्द कर दिया था। लेकिन, उच्च न्यायालय के आदेश में भी इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि इस कार्यालय को जंजैहली से हटा कर कहीं और खोला जाए। मांग है कि प्रदेश सरकार न्यायालय में या तो पुनर्विचार याचिका दाखिल करे अन्यथा फि र से एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर के तहत जंजैहली में एसडीएम कार्यालय खोलने की अधिसूचना जारी करे। सरकार की ओर से आनन-फानन में जंजैहली के बजाए दूसरी जगह पर एसडीएम कार्यालय खोलने की अधिसूचना के चलते ही सिराज क्षेत्र की जनता में रोष उत्पन्न हुआ है। जनता ने पार्टी बाजी की दीवारों को तोड़ते हुए व्यापक एकता बनाकर जंजैहली में एसडीएम कार्यालय की बहाली के लिए आंदोलन शुरू कर दिया। हकीकत ये है कि इस आंदोलन में भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
सीएम के खिलाफ नहीं आंदोलन, बढ़ेगा टकराव
ज्ञापन मेें कहा गया है कि यह आंदोलन मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं चल रहा है, बल्कि एसडीएम ऑफिस की 2 वर्ष से मिल रही सुविधा को पुन: बहाल करने के लिए चल रहा है। माकपा का मानना है कि आंदोलन में अधिकंश लोग वही हैं, जिन्होंने आपके मुख्यमंत्री बनने पर खुशियां मनाई थीं। क्योंकि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री का विधान सभा क्षेत्र भी है। अत: लंबे समय तक यहां पर आंदोलन का चलना सरकार की छवि के लिए भी नुकसानदेह है।
वहीं इसमें कहा गया है कि जिस तरह से कुछ लोग इस आंदोलन के खिलाफ सिराज के दूसरे क्षेत्र की जनता को जबर्दस्ती खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, उससे बेवजह क्षेत्रीय टकराव की संभावना भी बढ़ेगी। ऐसा टकराव न केवल समस्त सिराज की एकता के लिए घातक होगा, बल्कि मुख्यमंत्री की छवि को भी धूमिल करेगा।
ऐसे बनेगी बात
माकपा की मांग है कि सिराज की आम जनता की ओर से गठित सिराज संघर्ष समिति के नेताओं को तुरंत बातचीत के लिए बुलाए जाए, एसडीएम कार्यालय को जंजैहली में ही बहाल किया जाए तथा यदि इस बारे में कोई कानूनी अड़चन है तो न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक महीने में 15-15 दिन जंजैहली व थुनाग में एसडीएम अपनी सेवाएं दें। आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी प्रकार के मुकद्दमे तुरंत वापस लिए जाएं तथा किसी भी आंदोलनकारी व राजनीतिक विरोधी के खिलाफ बदले की भावना से कोई काम न किया जाए।