पधर (मंडी)। कोटरोपी घटनास्थल के पहाड़ में फंसी सात लावारिस गायों को लोनिवि के मजदूरों ने बड़ी मशक्कत से बचाया है। रविवार रात को किसी शरारती तत्व ने इन गायों को जगेहड़ जंगल में छोड़ दिया। जहां से सुबह के समय जंगल से गुजरती हुईं ये गायें कोटरोपी घटनास्थल के पहाड़ के टॉप पर पहुंच गईं। अंधेरे में ये गायें पहाड़ के मुहाने के बीच में ऐसी जगह फंस गईं जहां न आगे जाने को कोई रास्ता था और न ही पीछे आ सकती थीं। घटना का पता कोटरोपी एनएच में कार्य कर रहे लोक निर्माण विभाग के मजदूरों को चला। उन्होंने इसकी सूचना पंचायत उप प्रधान पूर्ण चंद सहित उरला के ग्रामीणों को दी। पंचायत उप प्रधान पूर्ण चंद ने एसडीएम पधर निवेदिता नेगी को मामले से अवगत करवाया। इसके बाद पधर पुलिस और जोगिंद्रनगर से फायर ब्रिगेड तथा होमगार्ड दल रेस्क्यू के लिए घटनास्थल पर पहुंचा। चार घंटे से अधिक समय तक कड़ी मशक्कत उपरांत लगभग सौ मीटर से अधिक रास्ता बना कर पहाड़ी में फंसी सभी 6 गायों को सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू में स्थानीय युवाओं पंचायत प्रधान रेखा देवी, उप प्रधान पूर्ण चंद, कृष्ण भोज, रमेश चंद, मौनी राम, रमेश गुरुकुल, तिलक राज, बुद्धि सिंह, नवीन शर्मा, सुनील शर्मा, हेमकांत, दलीप कुमार, ज्ञान चंद, वेटरनरी फार्मासिस्ट ओम प्रकाश, जोगिंद्रनगर फायर ब्रिगेड दल से गृह रक्षक प्रशामक, जय पाल, चालक विकास ठाकुर, जोगिंदर सिंह, राकेश कुमार सहित अन्य जगेहड़ गांव की महिलाओं ने भरपूर मदद की।