नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी के डडौर में स्लेटपोश दो मंजिला दो भाइयों का संयुक्त मकान आग की भेंट चढ़ गया। आग से लाखों की संपत्ति राख हो गई है। पूरा मकान राख हो गया है। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग से दो परिवारों के सिर से छत छिन गई है। विभाग के अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा करने के बाद फौरी राहत प्रदान की है।
जानकारी के मुताबिक आलम राम और दुर्गा राम पुत्र स्वर्गीय बीरवल राम के स्लेटपोश दो मंजिला मकान में शनिवार रात्रि अचानक आग लग गई। जिससे छह कमरे और इनमें रखा सामान जलकर राख हो गया। मकान मालिक आलम राम (डडौर वार्ड नंबर 10 के पार्षद) ने बताया कि शनिवार रात्रि करीब एक बजे उनका भतीजा राम लाल रसोई घर से दूध गर्म कर कमरे में अपने बीमार पिता को पिला रहा था। जब वह वापस रसोईघर की ओर आया तो उसने रसोईघर में आग लगी देख शोर मचाया। जिस पर आसपास और गांववासियों ने आग को बुझाने के भरसक प्रयास किए लेकिन, आग भयानक रूप धारण कर चुकी थी। इस दौरान अग्निशमन विभाग को दूरभाष पर सूचित किया गया, मगर रास्ता तंग होने के कारण अग्निशमन कर्मचारियों को घटनास्थल पर पहुंचने में दिक्कतें पेश आई, परंतु गांववासियों और विभाग के प्रयासों से करीब 3 बजे तक आग पर काबू पाया गया। तब तक सब जलकर राख हो चुका था। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने रविवार को घटनास्थल का मौका कर दो तिरपाल और 15 हजार फौरी राहत के तौर पर प्रभावित परिवारों को प्रदान किए।
उधर, जयमल चंद नायब तहसीलदार बल्ह ने बताया कि आग लगने से डडौर के बोरा गांव में दो मंजिला स्लेटपोश मकान जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रभावित दुर्गा राम को दस हजार और आलम राम को पांच हजार और दो तिरपाल फौरी राहत के तौर पर प्रदान कर दिए गए।