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कमरूनाग के जंगल में मिला छह माह से लापता वन कर्मी का कंकाल

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- फोटो : The Sun
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गोहर/सुंदरनगर/रोहांडा (मंडी)। बल्ह के टांवा गांव से अक्तूबर माह में कमरूनाग मंदिर से लापता हुए फारेस्ट कर्मी मोहन लाल का कंकाल कमरूनाग के जंगल में घोरनाला से बरामद हुआ है। पुलिस ने नरकंकाल को मौके पर जाकर कब्जे में लिया और परिजनों ने कंकाल की शिनाख्त कर ली है। नरकंकाल को पुलिस फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी और डीएनए भी होगा। डीएसपी सुंदरनगर तरणजीत सिंह ने नरकंकाल मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने कमरूनाग के घोरनाला पहुंचकर जूतों, कपड़ों से उसकी पहचान कर ली है। रोहांडा पंचायत के प्रधान प्रकाश चंद ने बताया कि बुधवार शाम को जब खनाड गांव का टवेंद्र कुमार बकरियां चराकर घोरनाला से खनाड गांव लौट रहा था तो उसे घोरनाला में खोपड़ी और कंकाल दिखाई दिया। उसने खनाड गांव के बुद्धि राम और सुरेंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना निहरी पुलिस चौकी को दी। डीएसपी सुंदरनगर और एसएचओ बीएसएल थाना प्रदीप कुमार निहरी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस ने कमरूनाग के जंगल में लापता के परिजनों को भी बुलाया। मौत कैसे हुई अभी तक यह खुलासा नहीं हो पाया है। उसे जंगली जानवरों ने मारा या फिर मौत का कोई और कारण रहा है। हर पहलू को ध्यान में रखते हुए घटना की जांच पुलिस कर रही है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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