जंजैहली (मंडी)। एक तरफ पूरा मंडी ठाकुर जयराम के सीएम बनने पर पटाखे फोड़कर, डीजे की धुनों पर नाच गाकर खुशी का इजहार कर रहा है, वहीं नव निर्वाचित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पिता की पहली बरसी तांदी में उनके परिवार ने सादगी के साथ कन्या पूजन करके, नीचे बैठकर सामूहिक भोजन करने के बाद एक साथ बर्तन साफ करके मनाई। उनके पिता का देहांत 25 दिसंबर 2016 को उनके घर पर हुआ था। सोमवार को जयराम इस बरसी में शामिल नहीं हो पाए। उनकी गैर मौजूदगी में उनकी माता, बहनों अनु ठाकुर और पूर्णू ठाकुर एवं भाइयों ने पिता की बरसी मनाई। परिवार ने घर पर ही कंजक पूजन करवाया और स्वयं ही खाना बनाकर 20 से 25 लोगों को खिलाया। दोनों बहनें अपने बच्चों के साथ उनके घर 1 दिन पहले ही पहुंच गई थी।
जमीन पर बैठ सादगी से खाया खाना, एकत्र होकर साफ किए बर्तन
सोमवार सुबह घर पर कुल पुरोहित मुरारी लाल घर का दरवाजा खटखटाता है। सीएम की सबसे छोटी बहन अनु रसोई घर का दरवाजा खोलती है। दरवाजे पर पंडित को देखकर उनको अंदर आने को कहा जाता है। घर की छोटी भाभी खेमदासी पंडित को चाय पान करवाती है। पंडित जयराम की माता से परिवार का कुशल मंगल पूछता है और इसके बाद वह पूजा के लिए सामग्री आदि की व्यवस्था करने को कहता है। पंडित की ओर से पूजा-पाठ की हर सामग्री तैयार की जाती है और बाद में घर में पूजा शुरू की जाती है। इसके लिए कन्याओं को बुलाया जाता है। इन कन्याओं को जयराम की भांजी कुंजन उन्हें पूजा स्थल तक ले जाती है। पंडित की ओर से पूरे परिवार को एकत्र करके पूजा की हर रस्म को निभाया जाता है। बाद में पंडित जयराम की माता को कंजकों को टीका लगाने को कहता है। पांचों कन्याओं की पूजा करने के बाद उन्हें दान दक्षिणा दी जाती है। सभी कन्याओं को भोजन खिलाया जाता है। इसके बाद जयराम के बड़े भाई नंतराम, बड़ी भाभी राधा देवी, छोटा भाई बीर सिंह अपनी पत्नी खेम दासी के साथ कन्याओं को गर्म पानी से चमन करवाते हैं। माता ब्रिकमू देवी अपने परिवार के साथ रसोईघर में जाती है और घर में कार्य करने वाले लड़के चमन ठाकुर को खाना निकलने के लिए कहती है। इसके बाद पूरा परिवार बड़ी सादगी के साथ जमीन पर बिछी हुई मैट पर बैठकर भोजन ग्रहण करता है। खाना खाने के बाद पूरे परिवार ने मिलकर घर के सभी बर्तनों को साफ किया और पूरे घर का सामान भी व्यवस्थित किया।