मंडी। जोगिंद्रनगर में तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में उजागर हुए गरीबों, बेसहारा, वृद्धों, विधवाओं आदि की पेंशन गबन करने के मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। इसके लिए जांच कमेटी सोमवार को जोगिंद्रनगर पहुंच गई है। इसके लिए निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 7 फरवरी को उच्च स्तरीय विशेषज्ञ दल से इसकी जांच करने के आदेश दिए थे। जांच आदेश में साफ कहा गया है कि यह जांच 18 फरवरी से 23 फरवरी के बीच पूरी करके रिपोर्ट देनी होगी। इन्हीं आदेशों के आधार पर सोमवार को सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा कमल कुमार, जिला कल्याण अधिकारी मुख्यालय शिमला हाकम सिंह चौहान जांच के लिए जोगिंद्रनगर पहुंच गए हैं। यह मामला वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक की अवधि का है। इसमें पेंशन पात्र लोगों तक न पहुंच कर सीधे ही बैंक से आहरित करके हड़प ली गई है। वहीं, कुछ साल पहले अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि मंजूर होने के बावजूद पात्र दंपती को नहीं मिली तो मामला सुर्खियों में आया। जब इस मामले में गहराई से जांच की गई तो पता चला कि हजारों मामलों में पात्र लोगों की पेंशन हड़प ली गई है। यह राशि करोड़ों में मानी जा रही है। मामला उजागर होने पर जिलास्तर पर जब इसकी जांच हुई तो वित्तीय गोलमाल का बड़ा मामला सामने आया। फिर इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई। उधर, जिला कल्याण अधिकारी लेख राज वैद्य ने कहा कि निचले स्तर पर जांच हो चुकी है। मामला वित्तीय गड़बड़ी का है। उच्च स्तरीय विशेषज्ञ जांच दल अपनी रिपोर्ट निदेशालय को सौंपेगा। उन्होंने कहा कि दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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