करसोग (मंडी)। पंचायतों में होने वाले विकास में ई-टेंडरिंग लाने के विरोध में करसोग क्षेत्र के प्रधान संघ ने खिलाफत के स्वर तेज कर दिए हैं। सरकार से इस प्रक्रिया को तुरंत बंद करने का आह्वान किया है। करसोग विधानसभा क्षेत्र के प्रधान संघ के प्रधान रूपलाल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार ने पंचायत में 50000 रुपये से अधिक राशि के बजट के सभी कार्यों को ई-टेंडरिंग से करवाए जाने की व्यवस्था की है। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस नीति पर पूर्ण विचार करने की मांग की है। पंचायत प्रधानों ने सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदारों को लाभान्वित करने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पंचायतों में शुरू की जा रही है। यह नीति पंचायत प्रधानों को कतई भी मंजूर नही है। उन्होंने कहा कि कई विभागों में जहां टेंडर प्रक्रिया से कार्य चल रहा है, वहां कई कार्य अधूरे पड़े हैं ठेकेदार कई मर्तबा कार्य को बीच में छोड़कर चले जाते हैं। संघ ने इस नीति पर विचार करने की मांग उठाई है।