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बाढ़ से बचने को केदारनाथ जैसे पुख्ता प्रबंध करेगा प्रशासन

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ff - फोटो : अमर उजाला
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मंडी। जलविद्युत परियोजनाओं से घिरे मंडी जिले में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए केदारनाथ त्रासदी के बाद किए गए पुख्ता प्रबंधों को आपदा के दौरान जिला प्रशासन अपनाएगा। जिले में स्थापित विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की पूर्व चेतावनी प्रणाली को उसी तरह से दुरुस्त किया जाएगा। बांधों में पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने की। मीटिंग में जिले में कार्यरत मुख्य परियोजनाओं के अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने कहा कि लारजी में 2014 में हुई घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए व्यापक उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस लक्ष्य को गंभीरता से लेते हुए जिले का एक अध्ययन दल अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में उत्तराखंड भेजा था ताकि, केदारनाथ हादसे के बाद वहां किये गये पुख्ता प्रबंधों का अध्ययन कर जिले में भी उसी आधार पर कार्य किया जाए। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार ने उत्तराखंड की एक रिपोर्ट रखी तथा लारजी प्रबंधन ने पूर्व चेतावनी प्रणाली पर अपनी प्रस्तुति दी। उपायुक्त ने कहा कि सभी परियोजनाओं के प्रबंधक अग्रिम वार्निंग सिस्टम, चेतावनी बोर्ड, ध्वनि प्रसार सेवा से व्यापक प्रचार करें ताकि, जलस्तर बढ़ने पर पानी छोड़ने के समय की जानकारी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को समय रहते मिल जाए।
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अचानक पानी छोड़ने से 25 विद्यार्थियों की हो गई थी मौत
मंडी जिले में बरसात के मौसम में बांधों और परियोजना झीलों में जल भराव अधिक रहता है। अचानक पानी छोड़ने से जानमाल का खासा नुकसान झेला जा चुका है। लिहाजा इस खतरे से निपटने के लिए पूर्व चेतावनी जारी करना जरूरी है। वर्ष 2014 में लारजी बांध से अचानक पानी छोड़ने से थलौट में 25 तमिलनाडु के विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए व्यापक उपाय किए जा रहे हैं।

डैहर के अलसू में लगाएं अग्रिम चेतावनी प्रणाली
उपमंडलाधिकारियों को परियोजना प्रभावित क्षेत्र से संबंधित नदियों के आसपास निचले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं ताकि, चिन्हित क्षेत्रों में समय रहते अग्रिम चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का कार्य किया जा सके। डैहर के अलसू में भी बीबीएमबी और एनटीपीसी प्रबंधन को इस प्रणाली को लगाने के आदेश दिए गए हैं।
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इन नंबरों पर करें संपर्क
परियोजना प्रबंधक पानी छोड़ने या आपदा पर जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन के दूरभाष नंबर 01905-226201, 202, 203 तथा 204 और टोल फ्री नंबर 1077 पर शीघ्र संदेश भेजें ताकि प्रशासन भी सजग रहे। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार, एसडीएम सुंदरनगर राहुल चौहान, महाप्रबंधक एनटीपीसी एसएम चौधरी, अधीक्षण अभियंता बीबीएमबी सुंदरनगर आरडी सावा, उप मुख्य अभियंता लारजी प्रवेश ठाकुर, मनदीप सिंह, दलजीत सिंह और नरेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।

लारजी से आज छोड़ा जाएगा पानी
लारजी पावर हाउस में सिल्ट बढ़ने से बिजली उत्पादन पर खतरा मंडराने लगा है। नतीजतन प्रबंधन पहली जुलाई से सुबह छह बजे से दो जुलाई सुबह छह बजे तक डैम के गेट पानी की निकासी के लिए खोलने जा रहा है। इस दौरान ब्यास नदी उफान पर रहेगी। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से ब्यास के किनारों पर न जाने की हिदायत जारी की है। ताकि किसी भी अनहोनी घटना से बचा जा सके। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
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