मंडी। जिले में फायर स्टेशन और फायर चौकियों की कमी लोगों की जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। एक वर्ष में आग की 93 घटनाओं में 12 लोगों की जिंदगी चली गई है। आग से सालभर में साढ़े छह करोड़ की संपत्ति राख हो गई है। आग से अधिकतर नुकसान करसोग, सराज, नाचन और जोगिंद्रनगर विस क्षेत्र के चौहारघाटी में हुआ है। इन दुर्गम क्षेत्रों में अग्निशमन की सुविधा न होने से लोग आंखों के सामने आशियाने जलते देखने को विवश हैं। वर्ष की शुरुआत में ही बालीचौकी क्षेत्र का डाहर गांव जलकर राख हो गया है। इस भीषण अग्निकांड में 33 परिवार बेघर हो गए थे। वहीं, बल्ह विस क्षेत्र में भी हाल ही भीषण अग्निकांड में कई परिवार बेघर हो गए थे। सराज विस क्षेत्र में एक दशक पहले केओली गांव जलकर राख हो गया था। लेकिन, अभी तक यहां पर फायर चौकी तक की सुविधा लोगों को नहीं मिल सकी है।
यहां आज भी मिट्टी डालकर बुझाई जाती है आग
सराज और करसोग, नाचन में आग के अधिकतर मामले सामने आते हैं। यहां पर अधिकतर घर काष्ठकुणी शैली में बने हैं। इन घरों की निचली मंजिल में जहां मवेशियों के सालभर के गुजारे का चारा जमा होता है। वहीं, अपने गुजारे के लिए परिवारों ने लकड़ी जमा की होती है। इन क्षेत्रों में जरा सी चिंगारी भी घर को चंद पलों में राख कर देती है। सराज आदि क्षेत्रों में आग पर काबू पाने का साधन ग्रामीणों के लिए आज भी मिट्टी ही है। वहीं, जंगलों की आग भी इन गांवों के लिए घातक साबित होती है।
फायर स्टेशन और पोस्ट के लिए सरकार ने मांगी प्रपोजल
सराज के थुनाग फायर स्टेशन, नाचन विस क्षेत्र के गोहर में फायर पोस्ट का प्रपोजल सरकार को अग्निशमन विभाग ने भेजा है। वहीं, करसोग और पधर में भी फायर पोस्ट की प्रपोजल सरकार को प्रेषित की है। पूर्व में सराज के जंजैहली में फायर पोस्ट का खुलना प्रस्तावित था। लेकिन, यहां पर लोगों की मांग को देखते हुए सीएम जयराम ठाकुर के हस्तक्षेप से अब फायर स्टेशन थुनाग में खोलने की योजना सरकार ने बनाई है। इसे लेकर विभाग से गत दिनों प्रस्ताव मांगा गया था।
16 करोड़ की संपत्ति आग से बचाई :भूपेंद्र
अग्निशमन अधिकारी मंडी भूपेंद्र डोगरा ने कहा कि आग के 93 मामले मार्च 2017 से मार्च 2018 तक सामने आए हैं। इस दौरान 16 करोड़ से अधिक की संपत्ति को आग से बचाया गया है। जहां-जहां पर फायर स्टेशन और फायर पोस्ट की कमी है। वहां पर सरकार को फायर पोस्ट और स्टेशन खोलने की प्रपोजल सौंपी गई है।