सुंदरनगर (मंडी)। जायका के माध्यम से संचालित फसल विविधिकरण प्रोत्साहन योजना के तहत अफगानिस्तान से आए एक ऑफिशियल डेलीगेशन ने इन योजनाओं का दौरा किया। सुब्रतो तालुकदार प्रधान विकास विशेषज्ञ जायका इंडिया के नेतृत्व में समूह सोमवार को सुंदरनगर पहुंचा। इस समूह के साथ इशिजाकी मुख्य सलाहकार, डा. जेसी राणा मुख्य परियोजना सलाहकार, डा. विनोद कुमार परियोजना निदेशक भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के इस समूह ने सुंदरनगर के सैंजी कोठी और टकवाड़ उप परियोजना का दौरा किया। जहां पर किसानों ने इस परियोजना के तहत फसल विविधिकरण करतेे हुए अपनी आय को दोगुने से अधिक बदला है। अधिकारियों के समूह ने अपने इस दौरे को विशेष उत्साहवर्द्धक बताया। विशेष तौर से टकवाड़ से फोटो वोल्टिक सोलर वाटर पंप के माध्यम से चल रही उठाऊ सिंचाई परियोजना को सराहा। हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना जायका के सहयोग से प्रदेश के 5 जिलों मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना तथा बिलासपुर में चलाई जा रही हैं। परियोजना के तहत 210 उप परियोजनाओं में लगभग 3712 हेक्टेयर भूमि को सुनिश्चित सिंचाई के तहत लाते हुए फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत जहां एक ओर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, वहीं आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए पावर टिल्लर, पावर बिडर, सोलर पंप, टूल किट जैसे उपकरण किसानों को वितरित किए गए हैं। अधिकारियों ने सुंदरनगर में बनाए गए संग्रहण केंद्र का दौरा किया, जहां पर एक महिला गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। महिला गोष्ठी में सहभागी महिलाओं को पुरस्कार भी बांटे गए। इसमें स्वयं सहायता समूह जागृति, उपपरियोजना लिगरी से छिडबढानु को प्रथम पुरस्कार, स्वयं सहायता समूह गियून उपपरियोजना त्रिभून को द्वितीय और स्वयं सहायता समूह लक्ष्मी उप परियोजना उखला को तृतीय पुरस्कार दिया गया। जालपा स्वयं सहायता समूह कराड़ी कडयोल, नव दुर्गा स्वयं सहायता समूह थौना माही और नव शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह खनोट को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।