मंडी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी महासंघ मंडी इकाई की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के सभागार में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें अमरजीत शर्मा ने 27वीं बार तो नितिन, चेतन और नवनीत ने पहली बार रक्तदान किया। कार्यक्रम में बहुउद्देशीय परियोजनाएं ऊर्जा एवं गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्री अनिल शर्मा मौजूद रहे। शिविर में 30 अधिकारियों और कर्मचारियों ने रक्तदान किया। चेतन सिंह ने 9वीं बार रक्तदान किया। जबकि रोशन लाल ने 7वीं, रितेश 5वीं, मनीष 5वीं, डॉ. दुष्यंत 5वीं, रविंद्र कुमार 5वीं, अनिल कुमार ने चौथी, सुरेश कुमार चौथी, बलवंत यादव तीसरी, बालेश शर्मा तीसरी, रेव सिंह पटियाल तीसरी, अच्छर सिंह यादव दूसरी, अजीत कुमार दूसरी, तिलकराज दूसरी, लेखराज दूसरी, अतुल दूसरी, टिकन राम दूसरी, नरेंद्र सिंह दूसरी और नितिन कुमार ने दूसरी बार रक्तदान किया। इस दौरान मंत्री ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देस राज शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा टीसी महंत, चिकित्सा अधीक्षक देवेंद्र शर्मा, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री एनआर ठाकुर मौजूद रहे। वहीं 27 वीं बार रक्तदन करने वाले अमरजीत सिंह ने बताया कि रक्तदान महादान है। लोगों को रक्तदान करना चाहिए। इससे किसी की जिंदगी बच सकती है।
मंडी में पांच हजार यूनिट खून की प्रतिवर्ष जरूरत
मंडी। मंत्री अनिल शर्मा ने रक्तदान शिविर में कहा कि मंडी जिले में 5 हजार यूनिट खून की प्रतिवर्ष जरूरत है। लिहाजा लोगों को रक्तदान में आगे आना चाहिए ताकि जिले के रक्त बैंक में कभी भी खून की कमी नहीं आए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक क्रांतिकारी नेता थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अमूल्य योगदान दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने आग्रह किया कि पहले जो कार्य नहीं हुए हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता दें ताकि मंडी में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि शहर में विद्युत आपूर्ति बाधित न हो ।