सरकाघाट (मंडी)। जमणी पंचायत के ढंगोर गांव के 35 परिवारों को आजादी के बाद आज तक पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। आज तक कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन कोई भी सरकार इस गांव को पेयजल सुविधा नहीं दे पाई है। इस अनदेखी के चलते गांव के लोगों ने विधानसभा चुनावों के बहिष्कार का किया फैसला किया है। साथ ही विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है। पंचायत प्रधान अच्छर सिंह ने बताया कि जब भी किसी राजनीतिक दल का नेता इस गांव में आता है तो उस समय वह आश्वासन देता है कि गांव के लिए पेयजल योजना की सुविधा दी जाएगी। लेकिन, यह मात्र कोरे आश्वासन ही साबित हुए हैं। गांव के लोगों को आज भी घड़े सिर पर उठाकर दूर से पानी लाना पड़ता है। इन लोगों का आधे से ज्यादा दिन इसी काम में बीत जाता है। गांव में विभाग की ओर से दो हैंडपंप लगाए गए हैं, जिनमें से एक का पानी लाल हो गया है और प्रयोग करने के काबिल नहीं रहा है, जबकि दूसरा हैंडपंप कई महीनों से खराब चल रहा है। पंचायत प्रधान का कहना है कि अगर गांव वालों ने चुनावों के बहिष्कार की बात कही है तो वे उनका समर्थन करेंगे, क्योंकि उनकी समस्या गंभीर है और उस पर कोई गौर नहीं हो रहा है। वहीं, ग्रामीणों में खेम सिंह, कश्मीर सिंह, बिमल राम, हेत राम, मनोहर लाल, मल राम, रोशन लाल, भीम चंद, ब्रिज लाल, जोगिंद्र पाल, बबलू राम, किरण, वेद प्रकाश, जगदीश, रूप लाल, हरी सिंह, लेख राम, दीवान चंद, उमेश ठाकुर, विक्रांत, प्रेम सिंह और ज्ञान चंद सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताकर चुनावों का बहिष्कार करने की तैयारी कर ली है। इस बारे में जब विभाग के अधिशाषी अभियंता केएस जसवाल से बात की गई तो बताया कि गांव को बिड-पट्टा-संसौह योजना से जोड़ दिया गया है। जैसे ही पेयजल योजना चालू होगी, ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।