जुजर कांडीधार पेयजल योजना एक माह से ठप
लोग तालाब का दूषित पानी पीने को मजबूर
विभाग पर समस्या की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
करसोग (मंडी)। उपमंडल में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के सरकारी दावे जमीनी स्तर पर हवा हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण करसोग उपमंडल में बगशाड़ पंचायत के तहत जुजर कांडीधार उठाऊ पेयजल योजना है, जो एक महीने से पंप खराब होने के कारण बंद पड़ी है। इससे इस पंचायत के 15 गांवों के लोगों को एक महीने से पीने के पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। अब मजबूरन लोग तालाब में कई महीनों से जमा हुआ गंद पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में ये तालाब पशुओं को पानी पिलाने के लिए बनाए गए हैं, जिसमें बारिश के पानी को एकत्रित किया जाता है। गर्मियों में पेयजल किल्लत के समय इस पानी को पशुओं को पिलाने के उपयोग में लाया जाता है। हालांकि, पानी की सप्लाई न मिलने की शिकायत लोग कई बार आईपीएच सब डिवीजन चुराग में कर चुके हैं, लेकिन विभाग ने अब तक इस बारे में कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की है। इससे नाराज 15 गांवों के लोगों ने विभाग को दो दिन में सप्लाई देने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। इस अवधि में भी अगर पानी नहीं मिला तो स्थानीय लोग सड़क पर उतरकर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे।
इन गांवों के लोगों को नहीं मिल रहा पानी
बगशाड़ पंचायत के तहत बारनानाल, डमोग, खानेओल शलाग, खाराल, कुंड, शरणी, रूबीशिवा और चोगड़ा आदि में एक महीने पहले पानी की सप्लाई दी गई थी। इसके बाद लोगों को पूरी गर्मी में तालाब से गंदा पानी पीकर गुजारनी पड़ रहा है। बगशाड़ डेजल युवक मंडल के अध्यक्ष टीसी बरागटा, उपाध्यक्ष संजय ठाकुर और कमल ठाकुर का कहना है कि जुजर कांडीधार उठाऊ पेयजल योजना एक महीने से बंद है। इससे लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि इसके बारे में विभाग से भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। लोगों को मजबूरन तालाब से ढोकर गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में पानी की सप्लाई नहीं दी गई तो सड़क पर उतरकर विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
योजना के पंप को बदला जाएगा : एसडीओ
आईपीएच सब डिविजन चुराग के एसडीओ केएल चौहान ने कहा कि खुद मौके पर जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि जुजर कांडीधार उठाऊ पेयजल योजना में पुराने पंप को जल्द बदला जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने नया पंप खरीद लिया है।
लोगों में बीमारियां फैलने का भय
यदि पीने का पानी दूषित है तो कई बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होती हैं, जो गंदे पानी के साथ से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों के कई कारक हो सकते हैं। इनमें वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और पेट में होने वाले रिएक्शन प्रमुख हैं।