मंडी। नगर परिषद मंडी की साधारण बैठक में नगर परिषद मंडी को नगर निगम का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसहमति से पारित हुआ। इसके अलावा पानी के बिलों को कम करने तथा पानी के बिलों पर सीवरेज के नाम से 50 प्रतिशत वसूले जा रहे सरचार्ज को बंद करने की मांग का प्रस्ताव भी पारित कर प्रदेश सरकार को भेजा गया। बैठक नगर परिषद परिषद अध्यक्ष सुमन ठाकुर की अध्यक्षता में हुई।
अध्यक्ष सुमन ने कहा कि मंडी शहर के आसपास के क्षेत्र टीसीपी के दायरे में शामिल हैं। मूलभूत सुविधाएं वहां मुहैया करवाई जा रही हैं। इसलिए नगर परिषद मंडी का दर्जा बढ़ाकर नगर निगम किया जाना चाहिए। कहा कि मंडी शहरवासियों को पानी सीवरेज चार्जिज 50 प्रतिशत डाला जा रहा है, जो कि शहर के लोगों के साथ अन्याय है।
नगर परिषद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पानी के बिलों को कम किया जाए। सीवरेज के नाम से 50 प्रतिशत जो सरचार्ज वसूला जा रहा है उसे बंद किया जाए। मंडी पेयजल योजना के तहत उहल नदी से जो पानी की आपूर्ति आ रही है, वह उठाऊ रूप से नहीं अपितु बहाव (ग्रेविटी) से आ रही है। इसलिए इतना बिल वसूलना न्यायसंगत नहीं है।
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कुल्लू दशहरे की तर्ज पर आय का 35 फीसदी नप को मिले
नगर परिषद ने प्रस्ताव पास कर सरकार से आग्रह किया है कि जिस प्रकार कुल्लू दशहरा मेला में आय का 35 प्रतिशत राशि नगर परिषद को जाती है उसी प्रकार यहां आयोजित मेलों में 35 प्रतिशत राशि नप को दी जाए।
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यह रहे मौजूद
इस अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष विरेंद्र शर्मा, पार्षद अलकनंदा हांडा, सिमरनजीत कौर, नेहा कुमारी, पुष्पराज कात्यायन, जितेन्द्र शर्मा, माधुरी कपूर, निर्मला शर्मा, उर्मिला शर्मा, बंसी लाल, विशाल ठाकुर, नीलम शर्मा, राजेंद्र पूरी, हेमलता शर्मा,मोती लाल मेहरा व कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी उपस्थित रहे।
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