बिजली बोर्ड के विघटन का फैसला न बदला तो होगा आंदोलन
शहीदी दिवस पर एनजीओ और विद्युत परिषद कर्मचारी संघ ने शहीद कर्मचारियों को दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर(मंडी)। सुंदरनगर में 10 अक्तूूबर 1980 को कर्मचारी आंदोलन के समय शहीद हुए कर्मचारियों को शहीदी दिवस पर याद किया गया। इस मौके पर सैकड़ों कर्मचारियों ने लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह चौक में बने शहीदी स्मारक पर एनजीओ के महासचिव एनआर ठाकुर और राज्य विद्युत परिषद कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरबड़ा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रेस्ट हाउस चौक पर आयोजित कार्यक्रम में कुलदीप सिंह खरबड़ा ने कहा कि सरकार जो बिजली बोर्ड का विघटन करने जा रही है अगर यह निर्णय जल्द नहीं बदला गया तो कर्मचारी महासंघ आंदोलनकारी रुख अख्तियार करेगा। उन्होंने कहा कि इससे जहां बोर्ड कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी, वहीं बिजली की दरों में भी बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा नुकसान और खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने मांग है कि विभिन्न ठेकेदारों के तहत आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार एक स्थायी नीति बनाए और 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए नई पेंशन प्रणाली को खत्म कर पुरानी पेंशन प्रणाली में लाया जाए। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री एनआर ठाकुर ने अपने संबोधन में संघर्ष के दौरान शहीद हुए कर्मचारियों को याद किया और उनके बलिदान से प्रेरणा लेते हुए सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस मौके पर कर्मचारी नेता जगमेल ठाकुर, कामेश्वर शर्मा, रोशन लाल, सितेंद्र वर्मा, जेके धीमान, मदन भारती, दौलत राणा, सुरेश राणा, खेम ठाकुर, धर्मप्रकाश, हरीश शर्मा, अच्छरु राम, लाल सिंह, प्यार सिंह और सूरज ठाकुर सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।