सुंदरनगर(मंडी)। ईंट, बजरी और धूल मिट्टी से भरे हाल में बैठे बच्चे। यह कोई कंस्ट्रक्शन साइट नहीं है। इन दिनों यह नाचन विधानसभा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल घीड़ी में पढ़ने वाले 43 बच्चों के अस्थायी क्लास रूम का नजारा है। बिना दीवारों के इस क्लास रूम में जान जोखिम में डालकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के एक कमरे में पांच कक्षाएं चल रही हैं। लगभग पांच वर्षों से निर्माणाधीन इस स्कूल के नए भवन में इन दिनों बच्चों को तौर बिठाया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल में एक सुरक्षित कमरा जिसमें बारिश होने पर एक साथ बच्चों को बिठाया जाता है। सुकेत रियासत के समय से चल रहे इस स्कूल का यह हाल है। यहां पर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के दावे बौने साबित हो रहे हैं। यहां तक की स्कूल में निर्माणाधीन शौचालयों का काम भी भवन के साथ-साथ वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। लेकिन शिक्षा विभाग स्कूल में भवन निर्माण का कार्य पूरा करवाने को लेकर बिलकुल भी गंभीर नहीं दिख रहा है। जिसके कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं उससे बच्चों के अभिभावकों में भी भारी रोष व्याप्त है। यह स्कूल शीतकालीन सत्र वाला है। बरसात समाप्त होते ही अब क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ना शरू हो गया है। ऐसे में बच्चों को बिना दीवारों वाले निर्माणाधीन भवन में बिठाना खतरे से खाली नहीं है।
जन सहयोग से बनाया भवन, विभाग से नहीं मिला बजट
स्कूल प्रबंधन समिति घीड़ी प्रधान रूप लाल, अभिभावकों दीना नाथ, रूप लाल, दिनेश कुमार, रामनाथ ने कहा कि न सहयोग कर स्कूल के नए भवन का कार्य शरू करवाया और करीब पांच लाख रुपये इसके निर्माण पर खर्च किए। उन्हें आशा थी कि सरकार भी भवन निर्माण में सहयोग कर बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ प्रदेश सरकार की ओर से स्कूल के निर्माण को लेकर फूटी कौड़ी तक नहीं खर्च की गई। स्कूल में वर्तमान में 43 बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने विभाग से जल्द निर्माण पूरा करने की मांग उठाई है।
रिपोर्ट करेंगे तलब : उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला में भवन निर्माण का कार्य क्यों बंद है। इसको लेकर रिपोर्ट तलब की जाएगी।