मंडी। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में क्षेत्रवाद, भाई-भतीजावाद की शिकायत पर पीएमओ कार्यालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। इस संदर्भ में पीएमओ कार्यालय से पत्र जारी किया गया है। मंडी निवासी धीरज कुमार और मंडी बचाओ संघर्ष समिति ने गत वर्ष पीएमओ कार्यालय को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ शिकायत भेजी थी। जिसमें क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने शिकायत पत्र में कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया की नियमावली कंपीटीशन एक्ट-2002 की धाराओं और निर्देशों की अवहेलना का तर्क दिया था। जिसके तहत सिक्योरिटी विंग, भोजन, सफाई, चौकीदारी व अन्य अकुशल श्रमिकों और नए अनुभवहीन ठेकेदारों को मनघड़ंत शर्तों से अनेक कार्यों से वंचित रखने संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत पत्र में हिमाचल प्रदेश सरकार पर श्रम अधिनियम का सरासर उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए थे।
निश्चित समयावधि में रिपोर्ट न सौंपी तो जनहित याचिका करेंगे दायर
हिमाचल बचाओ संघर्ष मोर्चा के लक्ष्मेंद्र सिंह और शिकायतकर्ता धीरज कुमार ने कहा कि पीएमओ कार्यालय को सरकार की कारगुजारी के बारे में बताया गया था। जिस पर अब प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। कहा कि जब क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरटीआई में जवाब देते हैं कि किसी भी अकुशल श्रम कार्य के लिए किसी भी प्रकार के अनुभव की आवश्यकता नहीं होती है तो मेडिकल कॉलेज नेरचौक में प्रशासन उल्टी-सीधी श्रम शर्तें क्यों थोप रहा है। इन शर्तों से हिमाचली युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। यदि जांच रिपोर्ट निश्चित समयावधि में नहीं मिलती है तो मोर्चा सबूत सहित उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेगा।