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बर्फबारी से बिजली, यातायात, पेयजल व्यवस्था ठप

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- फोटो : अमर उजाला
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चैलचौक/जंजैहली (मंडी)। बारिश और बर्फबारी के बाद मंगलवार को ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन ठहर सा गया। बर्फबारी से शिकारी देवी, कमरूनाग, करसोग, सिराज और कमरूघाटी समेत मध्य सिराज के पहाड़ बर्फ से लकदक हो गए। इससे ऊपरी क्षेत्रों में पानी, यातायात और बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित रही। बर्फबारी से उपमंडल गोहर और सिराज की 25 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। लेकिन, प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी है। सिराज घाटी और कमरूघाटी की पंचायतों में अनेक जगह एचटी लाइनों के टूटने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अनेक पंचायतों में पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। सिराज घाटी में निगम की करीब आधा दर्जन बसों के फंसने का समाचार है।
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यह सड़कें हुई बंद
बर्फबारी से चैल जंजैहली, कोट देवीदहड़, डडौर तत्तापानी, लंबाथाच कुलथनी, कुकडीगलू सरोआ, थुनाग लांबशाफड, जंजैहली करसोग, जंजैहली छतरी समेत अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। जहां लोनिवि की जेसीबी और मजदूर बर्फ हटाने में जुट गए हैं। तांदी कटयांदी सड़क भी बर्फबारी से बंद है।

चिलिंग आवर्स पूरे नहीं
मंडी जिले के सेब उत्पादित क्षेत्रों में हालांकि चिलिंग आवर्स पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन, समय पर हुई बारिश और बर्फबारी से सेब बगीचों को नई जान मिली है। बारिश से गेहूं, मटर, लहसुन और नगदी फसलों को पर्याप्त नमी मिली है। वहीं जिला के बरोट, बालीचौकी, गाडागुशैणी, छतरी, जंजैहली, थाची, पंजाई, थुनाग, लंबाथाच, बगस्याड़, देवीदहड़, जाच्छ, सरोआ, कुटाहची, फनगयार, बाढू, घीडी, रोहांडा, चौकी, पंडार, जाछ, झूंगी, पांगणा और करसोग में बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है।
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व्यवस्था हो रही सामान्य : प्रशासन
एसडीएम जंजैहली सुरेंद्र मोहन ने बताया कि बर्फबारी से सिराज घाटी में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और प्रशासन मुस्तैदी से जनजीवन बहाल करने में लगा हुआ है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता गोहर केके शर्मा ने बताया कि सिराज घाटी की अधिकतर सड़कों को शाम तक बहाल कर दिया जाएगा। वहीं विद्युत बोर्ड जंजैहली के एसडीओ एलके शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे तक सभी ट्रांसफार्मर बंद थे, लेकिन दोपहर तक अधिकतर ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बर्फबारी के कारण विभाग का करीब 2 लाख नुकसान हुआ है।
धर्मपुर में 12 घंटे ठप रही बिजली और पेयजल आपूर्ति
धर्मपुर (मंडी)। भारी बारिश के कारण धर्मपुर की करीब दर्जनभर पंचायतों में बिजली और पानी की समस्याओं का सामना करना पड़ा। 33 केवी सब स्टेशन धर्मपुर पर बिजली गिरने के कारण यहां की दर्जनभर पंचायतों में बिजली आपूर्ति 12 घंटों तक बाधित रही। इन पंचायतों में धर्मपुर, भरौरी, बरी, सिद्धपुर, स्योह, सकलाना, समौड़, ध्वाली, बगा आदि पंचायतें शामिल रहीं। सब स्टेशन पर बिजली गिरने के कारण लाइन की डिस्कें पंचर हो गई थीं, जिन्हें ठीक करने के लिए कर्मचारी सुबह ही जुट गए और करीब 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बिजली गुल रहने से आईपीएच विभाग की स्कीमें भी बाधित रहीं, जिस कारण लोगों को पेयजल की सप्लाई भी नहीं हो पाई है। इस बारे में विद्युत मंडल धर्मपुर के अधिशाषी अभियंता एसआर गर्ग ने बताया कि बिजली गिरने से लाइन की डिस्कें पंचर हो गई थीं, जिन्हें ठीक करके बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है।

फसलों को मिली संजीवनी
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी के चुंजबाला धार, जोगणी धार, सोमगाड़, गाड़ागुशैणी, भाटकी धार में करीब पांच फीट तक बर्फबारी हुई है। क्षेत्र के गिरजा नंद, चतर सिंह, रामजी ठाकुर, रोशन लाल, खेम सिंह आदि का कहना है कि यह बारिश सेब, पलम, अनार के पौधों और फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

नैना देवी में इस साल की पहली बर्फबारी
पटड़ीघाट (मंडी)। पटड़ीघाट क्षेत्र की नैना देवी, गोभरता में इस वर्ष पहली बार बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी से क्षेत्र के बागवानों एवं किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। नैनादेवी मंदिर और मंदिर के आसपास की पहाड़ियों पर बर्फ देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ रहा है।

मुरारीधार ने ओढ़ी सफेद चादर
बलद्वाड़ा (मंडी)। शौल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां मुरारी देवी की धार पर सीजन का पहला हिमपात हुआ है। इसके चलते किसानों, बागवानों और व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं। यहां पर करीब 6 इंच के करीब बर्फबारी हुई। मुुरारी मंदिर के अलावा छपड़ा, भटेड़ा गांव भी बर्फवारी से अछूता नहीं रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर माह में करीब 6 इंच हिमपात हुआ था। बर्फबारी के अद्भुत नजारे को देखते हुए लोगों ने मां मुरारीधार की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
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