बालीचौकी (मंडी)। जले के सराज क्षेत्र के देव ईश्वर महादेव अनहोनी को टालने के लिए पूरे क्षेत्र की परिक्रमा करेंगे। परिक्रमा के विशेष दिन तय किया जाएगा। परिक्रमा की तिथि देव जल्द तय करेंगे। जिले के सराज क्षेत्र के रियासतकालीन देव ईश्वर महादेव के होम के उपलक्ष्य पर देव के मूल स्थान पर भव्य उत्सव का आयोजन किया गया। होम के दौरान देव के गूर भाग सिंह ने यह बात कही है। वीरवार को सैकड़ों लोग इस होम उत्सव का गवाह बने। जम्मद स्थित देव कोठी में देवलु पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ एकत्र हुए। इसके बाद देव ईश्वर महादेव की अगुवाई में ढोल नगाड़ों की थाप और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवता के मूल स्थान पलाईच स्थित मंदिर के लिए रवाना हुए। पलाईच में देवता का रियासतकालीन मंदिर मौजूद है। देवता के आगमन से यहां पर देव कारज शुरू हो गया। इसमें भाग लेने के लिए हर घर से देवलु मशाल लेकर देव के मंदिर के प्रांगण में पहुंचे। रातभर यहां पर देव कार्रवाई के दौरान रात्रि को देव कारिंदों ने वाद्य यंत्रों की धुनों पर नृत्य कर खूब जश्न मनाया। होम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवता के गूर से पूछ भी डाली।
देवता के गूर भाग सिंह ने बताया कि क्षेत्र में अनहोनी की आशंका के चलते देव ने जम्मद स्थित कोठी में क्षेत्र के लोगों को बुलाया था। उन्होंने कहा कि अनहोनी को टालने के लिए देवता ने क्षेत्र की परिक्रमा करने का निर्णय किया है। हालांकि, अभी तक इसकी तिथि तय नहीं की गई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को एकजुट होकर रहने का आह्वान किया है।
50 सालों से श्रीखंड यात्रा के लिए नहीं गए देवता
देवता के गूर भाग सिंह, शिरे के गुर संजय कुमार, कारदार कुरम दत्त ने कहा कि देव के होम उत्सव को हर वर्ष मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देव के मूल स्थान में इस उत्सव को मनाया जाता है। देवता श्रीखंड महादेव की यात्रा भी कर चुके हैं। 1956, 1961 और 1966 में देवता का रथ तीन दफा श्रीखंड महादेव की यात्रा कर चुके हैं। इस यात्रा के लिए देवता देवलुओं का स्वयं चयन करते थे। लेकिन, करीब 50 वर्ष से देवता यात्रा के लिए नहीं जा रहे हैं।