फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब गिरी तब गिरी पटवारखाने की छत

विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गोहर (मंडी)। नाचन क्षेत्र की छम्यार पंचायत में स्थित पटवारखाना में अगर आपको कोई काम है तो जरा सोच समझ कर जाएं। पटवारखाने का खस्ताहाल भवन अब गिरा तब गिरा की स्थिति को बयां कर रहा है। जनता तो दूर यहां रोजाना काम करने वाला पटवारी और अन्य कर्मचारी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेंटर टुकड़ों में नीचे गिर रहा है और ऊपर नजर दौड़ाएं तो सीमेंट के अंदर सरिया साफ नजर आता है। खिड़कियों और दरवाजों की हालत इतनी खराब है कि पटवारखाने में प्रवेश करने का बिल्कुल भी मन नहीं करता है। इस खस्ताहाल भवन में पटवारी किसी तरह काम करता होगा यह वही जानता है। वर्तमान समय से पूर्व समय में यहां सेवाएं दे चुके विभिन्न पटवारियों ने अनेक बार अपने उच्चाधिकारियों को इस जर्जर भवन की दशा सुधारने के बारे में लिखित तौर पर मांग उठाई है। मगर उच्चाधिकारियों की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। छम्यार पंचायत के दर्जनों लोग इस पटवारखाने में अपने राजस्व संबंधी काम करने के लिए रोजाना आते हैं। मगर डर डर कर लोग इस पटवारखाने के भवन में काम करके लौट जाते हैं। उधर, तहसीलदार बल्ह भवानी सिंह का कहना है कि सरकार से बजट मिलते ही छम्यार पटवारखाने के भवन का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
विज्ञापन


लाइव
दिन सोमवार। समय 11:00 बजे। केऊली के वार्ड पंच बंसी लाल और उपप्रधान देश राज ठाकुर पटवार खाना छम्यार पहुंचते हैं तो फिर उनकी नजर खस्ता हाल लेंटर, गल सड़ रही खिड़की, दरवाजों और दीवारों पर पड़ी दरारों पर पड़ती है। पटवारखाने में बैठे पटवारी रूप लाल को फिर पंचायत उप प्रधान पूछते कि भवन की खस्ता हालत कब सुधार रहे हो हाकम साहब। ऐसे में पटवारी रूप लाल जवाब देते हैं कि जब सरकार मेहरबान होगी तब। समय दोपहर 1 बजे। पटवारखाने में पहुंचते हैं मुरारी लाल। अपने राजस्व संबंधी काम के साथ नजर दौड़ाने लगे जर्जर भवन पर। कहते अरे कब बनेगा यह भवन। इन लोगों और पंचायत के नुमाइंदों की मानें तो जब भी कोई इस पटवारखाने में आता है तो जिक्र जर्जर हाल संजोए इस पटवारखाने के भवन का जरूर करता है।

रिकार्ड खराब होने का डर
छम्यार पंचायत के प्रधान रेलू राम का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों और स्थानीय राजनेताओं से इस खस्ता हाल भवन की जर्जर हालत को सुधारने की मांग उठाई है। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पंचायत उपप्रधान देशराज ने बताया कि बारिश के दिनों में इस भवन में पानी टपकने लगता है। जिससे पंचायत का रिकार्ड खराब होने का डर लगा रहता है। स्थानीय लोगों में चिंतराम शास्त्री, घनश्याम ठाकुर, रेवत ठाकुर, लता ठाकुर, दिनेश कुमार, पवन कुमार, तेजिंद्र ठाकुर, हंस राज, लाभ सिंह, पूर्व उप प्रधान हेम सिंह ठाकुर और हरदेव ठाकुर ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द छम्यार पंचायत के पटवारखाने के भवन की दशा सुधारी जाए। छम्यार के पटवारी रूप लाल ने बताया कि भवन की खस्ता हालत के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें