सुंदरनगर (मंडी)। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना के तहत आए आवेदनों को ग्राम सभा से सत्यापित करने के निर्देश जारी होने से महिलाओं में रोष बढ़ने लगा है। महिलाओं का कहना है कि पहले सरकार ने सभी महिलाओं को योजना के तहत राशि देने का वादा किया था, लेकिन अब नए नियम बनाकर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सुंदरनगर स्थित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में 15 मार्च से पहले 560 महिलाओं ने योजना के तहत आवेदन किया था। योजना के लागू होने के छह महीने बाद भी सुंदरनगर की 560 महिलाओं में से एक भी महिला को अब तक योजना का लाभ नहीं मिली है। ये महिलाएं अब सरकार से अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर की छह किस्तों की पात्रता रखती हैं। इसके अतिरिक्त उपमंडल में 15 हजार और आवेदन भी विभागीय कार्यालय में लंबित हैं।
आवेदन करने वाली महिलाओं में सुनीता, ज्योति, दीपिका, परमजीत कौर ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च से पहले ही अपने आवेदन जमा कर दिए थे। मगर अभी तक योजना के तहत एक भी किस्त उनके खाते में जमा नहीं हुई। वे आचार संहिता समाप्त होने के बाद से ही बैंक में राशि जमा होने के एसएमएस का इंतजार कर रही हैं। अब छह महीने बाद सरकार आवेदनों का सत्यापन कराने की बात कर रही है। इससे सरकार की गारंटी और योजना लागू करने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना के तहत सभी आवेदनों का ग्राम सभा में सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन महिलाओं को योजना के तहत किस्त मिलनी शुरू हो गई है और जिन्हें अभी नहीं मिली है, उन्हें दोबारा आवेदन देने की जरूरत नहीं है। जैसे ही आवेदनों का सत्यापन पूरा होगा, पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि जमा होनी शुरू हो जाएगी।
-समीर कुमार, जिला कल्याण अधिकारी, मंडी