रेड जून, समर क्वीन और टाइड मैन की फसल मौसम परिवर्तन से समय पर नहीं हुई तैयार
मंडी जिला का सेब पहुंचता था सबसे पहले मंडियों में
सतीश ठाकुर
गोहर (मंडी)। अर्ली वैरायटी के सेब इस साल मंडियों में पहुंचने को 15 दिन लेट हो गया है। मौसम परिवर्तन से रेड जून, टाइड मैन और समर क्वीन दो सप्ताह देरी से पकने को है। पड़ोसी राज्यों की मंडियों समेत चैलचौक, मंडी, नेरचौक, सुंदरनगर और भुंतर सब्जी मंडियों में अर्ली वैरायटियों का ग्राहक और आढ़ती बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आजादपुर सब्जी मंडी दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों की मंडियों में मंडी जिले के सेब का इंतजार हो रहा है। जिले की कमरूघाटी में ओलों ने कुछ सेब उत्पादित क्षेत्रों में फसल को प्रभावित किया है। वहीं, बेमौसमी ठंड और बारिश से सेब जल्दी तैयार नहीं हो सका है। बागवानों चंद्रमणी, भीम सिंह, हेमराज, प्रेम सिंह, लेख राज, जीत कुमार, यशवंत कुमार, धमेश्वर दत्त, महेंद्र कुमार और पवन कुमार ने बताया कि उनका अर्ली वैरायटी सेब मंडियों में पहुंचने के लिए दो सप्ताह के समय लेगा।
बता दें कि इस बार सेब उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज हुई है। जिले में इस बार सेब का निर्धारित उत्पादन लक्ष्य 48,500 मीट्रिक टन है। 35 लाख सेब पेटी उत्पादित करने वाले मंडी जिला में इस बार 24 लाख 47 हजार सेब पेटी उत्पादन होने की उम्मीद है। जिले में एप्पल वैली करसोग, चुराग, चरखडी, निहरी, पंडार, कमाद, शकोहर, रोहांडा, थमाड़ी, कुटाहची, फ़ंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, छतरी, सरोआ, शिल्हि बागी, बागाचनोगी, थाची और पंजाई में सेब का उत्पादन होता है।वहीं, दिल्ली आजादपुर सब्जी मंडी के आढ़ती रमन कुमार और नरेश ढल ने कहा है कि इस बार सेब के दाम एक हजार से पंद्रह सौ प्रति पेटी रहेंगे।