सरकाघाट (मंडी)। टिक्कर बाजार से ठेका हटाने की मांग पूरी न होने पर गुस्साई महिलाओं ने बारिश के बीच चक्का जाम कर दिया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाया और मार्ग बहाल किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। परिवहन निगम की एक बस भी इस बीच सड़क पर ही फंसी रही। वहीं, गुस्साई महिलाओं का कहना है कि यदि ठेका स्थायी तौर पर नहीं हटाया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
टिक्कर बाजार में शराब के ठेके को लेकर महिला मंडल प्रधान हिमा देवी के नेतृत्व में बीते 9 अप्रैल को एसडीएम सरकाघाट को बाकायदा महिलाओं ने ज्ञापन सौंपा था। जिसमें 3 दिन के भीतर ठेका हटाने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन, ठेका नहीं हटाया गया। इस पर गुस्सायी महिलाओं ने सुबह 8 से लेकर 10 बजे तक टिक्कर बाजार में प्रदर्शन करते हुए सड़क पर पत्थर रखकर चक्का जाम कर डाला। इस दौरान स्कूली बच्चों से लेकर आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को सरकाघाट पहुंचने को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उनके समझाने के बाद महिलाओं ने रास्ता बहाल कर दिया। महिलाओं ने कहा कि शराब के ठेके को लेकर 22 अप्रैल तक निर्णय नहीं लिया तो प्रदर्शन होगा। उधर, ठेकेदार ने कहा कि उन्होंने 40 लाख का टैक्स सरकार को भरा है। अगले 31 मार्च से पहले ठेका नहीं हटाया जा सकता। दूसरी तरफ महिला मंडल सदस्यों का कहना है कि ठेका किसी भी हाल पर उन्हें यहां नहीं चाहिए। इस ठेके को न सिर्फ स्कूल और मंदिर के साथ खोला गया है। बल्कि इससे बुरा प्रभाव भी पड़ रहा है। जब तक ठेका नहीं हटाया जाता, महिलाएं प्रदर्शन करती रहेंगी। इस दौरान शीला देवी, कमला देवी, विमला देवी, दुर्गे देवी, रमा देवी, मीना ठाकुर, निर्मला शर्मा, सरोज पटियाल, संतोष धीमान, पूर्णिमा, सावित्री सहित कई महिलाओं ने भाग लिया। उधर, सरकाघाट पुलिस के एसएचओ सतीश पाल शर्मा ने कहा कि इस माह 22 तारीख को पंचायत में इसे लेकर बैठक रखी गई है। उसमें ही ठेके को लेकर निर्णय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टिक्कर मार्ग पर चक्का जाम से कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा।