मंडी में शिवरात्रि पर्व के जाग के दौरान राजा के बेहड़े में खेलते गुर।
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मंडी। यदि मानस देव परंपरा पर अटल न रहा देवताओं का साथ भी छूट जाएगा। मनुष्य यदि देव परंपरा को तोड़ता है तो आने वाला समय कठिनाई भरा होगा। देव परंपरा का निर्वहन मानस पूर्व की भांति करता है तो देवता हर कदम पर भविष्य की आपदाओं से रक्षा करेंगे। राजा के बेहड़े में शिवरात्रि महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली पारंपरिक जाग में देव पराशर ऋषि के गुर भाग सिंह ने यह भविष्यवाणी की है। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस देव कारज में रियासतों की दौर की परंपराओं को सादगी से निभाया गया। समय:07:25। स्थान राजमहल मंडी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और मधुर शहनाई की गुंज पर देवी देवताओं के गुर राज बेहड़े के प्रांगण में पहुंचते है। राजाओं के कुलदेवता देव पराशर ऋषि के गुर विधिवत पुजा से जाग का शुभारंभ करते हैं। इसके बाद चार राजदेवताओं के गुर बारी-बारी से धंग्यारा लेकर जाग में खेलते हैं।
पुछ के बाद देव के गुर ने की भविष्यवाणी
समय:07:55। खेल के बाद सभी देवताओं के गुर लोगों को पुछ देते हैं। सैंकड़ों की तादात में लोग देव आस्था के इस देव कारज में हिस्सा लेते हैं। पुछ के 15 मिनट बाद देव पराशर ऋषि के गुर एक बार फिर देव को धूप देकर पारंपरिक आस्था का निर्वहन करते हैं। इस दौरान सभी गुर एक बार फिर बारी-बारी से पूजन करते हैं। देव पराशर के गुर भविष्यवाणी करते हुए कहते है कि यदि मनुष्य देव परंपरा पर अटल न रहा तो वह देव भी पीछे हट जाएंगे। देव परंपरा कायम रही तो देव भविष्य में हर आपदा से बचाव करेंगे।
पांच देवों ने की शिरकत:अमर सिंह
देव पराशर ऋषि के मुख्य पुजारी अमर सिंह ने कहा कि देव पराशर के गुर भाग सिंह, देव ढंगाडू के गुर हेम सिंह, देव गणपति के गुर ईशु, देवी तुंगा माता के गुर मस्त राम, देव मार्कंडेय ऋषि थलौट के गुर झाबे राम ने जाग के देव कारज में देव परंपरा का निर्वहन किया है। गुर ने जाग में भविष्यवाणी की है। इस अवसर सर्वदेवता समिति के प्रधान पंडित शिवपाल, राज पुरोहित पवन शर्मा समेत कई लोग उपस्थित रहे।