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मंडी जिले के पांच हल्कों में जीत के बाद बकरों की शामत

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गोहर (मंडी)। मंडी जिले के पांच हलकों में जीत के बाद बकरों को धाम के लिए काटने की परंपरा है। लगभग हर पांच साल के बाद इस रीत पर अमल होता है। जीतने के बाद प्रत्याशी अपने घरों में विभिन्न मांसाहारी भोजन परोसते हैं। इस बार भी यह तैयारी हो चुकी है। वर्ष 2017 के विस चुनावों में अपने अपने प्रत्याशियों की जीत को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बकरों की बुकिंग एडवांस में कर दी है। बात चाहे मंडी जिले में सिराज की हो, नाचन की हो, बल्ह की, द्रंग की या करसोग की हो, इन पांचों विस क्षेत्रों में हर पांच वर्ष बाद विस चुनावों में सैकड़ों बकरे काटे जाते हैं। कुछ कार्यकर्ता तो ऐसे हैं जिन्होंने बकरे खरीद कर अपनी गौशालाओं में भी बांध दिए हैं। पिछले विस चुनावों की ओर नजर दौड़ाई जाए तो इन पांचों विस क्षेत्रों में कांग्रेस-भाजपा ने करीब डेढ़ सौ बकरों की बलि देकर अपने प्रत्याशियों की जीत का जश्न मनाया था। यह दौर 2012 के विस चुनावों में परिणाम के बाद करीब एक सप्ताह तक चला था। पंचायत प्रतिनिधि भी बकरों को काटने में पीछे नहीं हैं। जीत के बाद जब भी प्रत्याशी किसी पंचायत मेें पहली बार दस्तक देता है तो उसका स्वागत बकरे की बलि से किया जाता है। नाचन विस क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं हेम सिंह ठाकुर, लीला प्रकाश, मस्त राम, चंद्रभान, देश राज और मुरारी लाल ठाकुर की मानें तो भाजपा प्रत्याशी अगर जीतता है तो वे बकरा काट कर जश्न मनाएंगे। वहीं सिराज में भाजपा समर्थित पितांबर लाल, दीवान चंद, सुमन और कृष्ण कुमार की मानें तो सिराज में भी भाजपा प्रत्याशी की जीत में नाटी के साथ बकरे की धाम होगी। करसोग से सुरेश शर्मा का कहना है कि करसोग में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पर बकरे की धाम से जश्र होगा। बल्ह विस क्षेत्र से कांग्रेस समर्थित जितेंद्र ठाकुर, पवन ठाकुर, विकास, मनोज, नेत्र सिंह और प्रकाश यादव ने कहा है कि उनका प्रत्याशी विजयी होता है तो बकरों की धाम से जश्र होगा। मंडी जिले में पूर्व की भांति इस बार भी करीब डेढ़ से दो सौ बकरों की धाम परोसी जी सकती है।
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